सारण में 10 दिनों में आठ बड़ी वारदात ; हत्या फायरिंग व मुठभेड़ भी शामिल

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SARAN DESK –  सारण जिले में बीते 10 दिनों में 8 बड़ी वारदात से सनसनी फैल गई है. आलम यह है कि कब कहां बड़ी वारदात हो जाएगी यह कह पाना मुश्किल है. छिनतई और लूट की घटनाओं को नजरअंदाज कर दे तो सारण जिले में विगत 10 दिनों में चार हत्याएं हुई है. वहीं पांचवां हत्या का संदिग्ध मामला है. अन्य मामले में एक युवक पर फायरिंग कर उसे गंभीर रूप से जख्मी कर दिया गया. वही पुलिस ने भी अपनी धमक दिखाते हुए जिले के दो थाना क्षेत्र में अपराधियों से मुठभेड़ के दौरान दो को पैर में गोली मार कर गिरफ्तार किया है. सारण जिले में 10 दिनों के अंदर इन आठ बड़ी वारदातों ने जिले वासियों को सोचने पर मजबूर कर दिया है. एक तरफ जहां पुलिस एक्शन में नजर आ रही है तो दूसरी तरफ अपराधी भी लगातार अपना खौफ बनाने में पीछे नहीं रहे हैं.

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30 नवंबर : 30 नवंबर को बेखौफ अपराधियों ने दिनदहाड़े पुलिस लाइन के सामने दरियापुर थाना क्षेत्र के बिसही गांव निवासी भीष्म राय को दौड़ाकर गोली मारकर हत्या कर दी. हालांकि वह समीप के घर में घुस गया लेकिन अपराधी घर में घुसकर उसकी हत्या कर सीधे तौर पर पुलिस को चुनौती दे डाले थे. पुलिस लाइन के सामने दिनदहाड़े दौड़ाकर गोली मारे जाने किस घटना के बाद पुलिस की कॉफी किरकिरी हुई थी.

1 दिसंबर : पुलिस लाइन के समीप दिनदहाड़े हत्या को पुलिस ने चैलेंज के रूप में स्वीकार करते हुए 1 दिसंबर की अल सुबह गड़खा थाना क्षेत्र निवासी नंदकिशोर राय उर्फ शिकारी राय को एनकाउंटर के दौरान उसके पैर में गोली मार कर गिरफ्तार किया गया था. जिसकी संलिप्तता भीष्म राय की हत्या में बताई गई थी.

3 दिसंबर : 3 दिसंबर को सारण पुलिस के द्वारा दूसरा एनकाउंटर मांझी थाना अंतर्गत रामघाट नदी तट पर ही गई थी. जहां, छपरा शहर के कटहरी बाग निवासी शराब माफिया अजय राय के पैर में गोली मारकर उसे गिरफ्तार किया गया था. उस दौरान नाव के साथ भारी मात्रा में शराब भी जब्त किया गया था.

6 दिसंबर : 6 दिसंबर को रिविलगंज थाना अंतर्गत नवादा गांव स्थित नहर पथ पर नीरज सिंह के ऊपर जानलेवा हमला कर फायरिंग की गई थी. उस दौरान गोली उनके बाजू में लगी थी. जिसके बाद उसे अस्पताल पहुंचाया गया था.

 

9 दिसंबर : 9 दिसंबर को पानापुर थाना क्षेत्र में रसौली गांव निवासी दरोगा सिंह की मौत मारपीट के उपरांत हुई थी. जिन्हें 1 दिसंबर को लाठी डंडे से पीटा गया था और उस मामले में उनकी मौत के बाद परिवार वालों के बयान पर मारपीट कर हत्या की प्राथमिकी दर्ज हुई.

9 दिसंबर : 9 दिसंबर को जिले के गड़खा थाना अंतर्गत पहाड़पुर गांव में स्थानीय निवासी प्रिंस का शव एनएच-722 के समीप गड्ढे से बरामद किया गया. इस मामले में मृतक के परिवार वालों ने बताया कि वह दुर्गा स्थान पर सो रहा था सुबह में उसकी लाश गड्ढे में मिली. उस दौरान परिजनों ने अंदेशा जताया था कि उसकी हत्या कर शव को गड्ढे में फेंका गया है, जिस पर पुलिस फिलहाल जांच कर रही है.

10 दिसंबर : जिले के रिविलगंज थाना अंतर्गत जखुआ गांव निवासी निवासी शंभू राय के 26 वर्षीय पुत्र रोहित कुमार को घर से बुलाकर गला रेतने के बाद उसकी निर्मम हत्या कर रेलवे लाइन के समीप शव फेंक दिया गया था. जिसका शव सुबह में बरामद किया गया. इस घटना से आक्रोशित लोगों ने छपरा-सिवान मार्ग को जामकर प्रदर्शन भी किया.

10 दिसंबर : जिले के मांझी थाना क्षेत्र अंतर्गत दक्षिण टोला में स्थानीय निवासी दलन साह के 55 वर्षीय सूरज प्रसाद के प्राइवेट पार्ट को चाकू से चीरने और चाकू गोदने के बाद उसकी आंख में तेजाब डालकर नृशंस हत्या कर दी गई. उसका शव घर में ही बिस्तर से नीचे पड़ा हुआ पाया गया.

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