नारायणी किनारे गूंजा लोकतंत्र का संदेश ; नजर आया “मतदान महोत्सव” जैसा दृश्य

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CHHAPRA DESK-   सोनपुर का नमामि गंगे घाट आज शाम लोकतंत्र की एक नई कहानी कहता दिखा. नारायणी तट पर जब सैकड़ों लोग हाथ उठाकर मतदान की शपथ ले रहे थे, तब दृश्य किसी महापर्व से कम नहीं था. ढलती शाम की सुनहरी रोशनी में लोकतंत्र के प्रति जागरूकता का यह आयोजन “मतदान महोत्सव” में बदल गया.

नागरिक जिम्मेदारी का जीवंत प्रतीक बना घाट

निर्वाचन आयोग के स्वीप कार्यक्रम के तहत आयोजित इस विशेष अभियान में स्थानीय नागरिकों, महिलाओं, युवाओं और अधिकारियों की भारी मौजूदगी ने इसे जनआंदोलन का रूप दे दिया. नमामि गंगे घाट पर हुए कार्यक्रम का संचालन शालीन और प्रेरणादायक माहौल में हुआ, जिसमें हर चेहरा मतदान के प्रति प्रतिबद्धता झलकाता नजर आया.

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जनरल ऑब्जर्वर ने दिलाई लोकतंत्र की शपथ

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और निर्वाचन आयोग द्वारा नियुक्त जनरल ऑब्जर्वर बटलांग एस सोहलिया ने उपस्थित जनसमूह को लोकतांत्रिक शपथ दिलाई. उनके नेतृत्व में लोगों ने सामूहिक रूप से यह संकल्प दोहराया कि वे धर्म, जाति या किसी भी प्रलोभन से ऊपर उठकर निष्पक्ष मतदान करेंगे. घाट पर एक स्वर में गूंजा शपथ का मंत्र – “हम भारत के नागरिक, लोकतंत्र में अपनी पूर्ण आस्था रखते हुए अपने मताधिकार का प्रयोग करेंग.”

रंगोली और रैली से सजी लोकतंत्र की तस्वीर

शपथ ग्रहण के बाद रंगोलियों ने घाट को उत्सव का रूप दे दिया. आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं ने “हर वोट कीमती है”, “मतदान से ही बदलता है देश” जैसे संदेशों से सजावट की. इसके बाद निकली रैली में सैकड़ों महिलाएं, बच्चे और युवा शामिल हुए. “पहले मतदान, फिर जलपान” और “वोट है ताकत, इसे मत गंवाओ” जैसे नारे नारायणी की लहरों के साथ दूर तक गूंज उठे. रैली का कारवां पुल घाट, कालीघाट होते हुए डीआरएम कार्यालय तक पहुंचा.

महिलाओं और युवाओं ने संभाली नेतृत्व की बागडोर

इस अभियान में महिलाओं की भागीदारी विशेष रही। कई महिलाओं ने बताया कि वे इस बार न सिर्फ खुद मतदान करेंगी, बल्कि आसपास के लोगों को भी प्रेरित करेंगी. युवाओं में भी जोश देखने लायक था—कई समूहों ने पोस्टर, बैनर और गीतों के माध्यम से लोकतंत्र के महत्व का संदेश दिया.

अधिकारियों की उपस्थिति ने बढ़ाया उत्साह

सोनपुर एसडीओ स्निग्धा नेहा सीडीपीओ श्वेता कुमारी ने कहा कि “मतदान सिर्फ अधिकार नहीं, यह जिम्मेदारी है। हर वोट देश के भविष्य की दिशा तय करता है. बाल विकास परियोजना पदाधिकारी श्वेता कुमारी और पर्यवेक्षिकाएँ आर्या सिंह, सरिता कुमारी, प्रतिभा कुमारी सहित बड़ी संख्या में सेविकाएं, सहायिकाएं और अधिकारी मौजूद रहे.

लोकतंत्र की अलख को गांव-गांव तक पहुंचाने का संकल्प

कार्यक्रम के अंत में प्रस्तुत “मतदाता जागरूकता संकल्प गीत” ने सभी को भावविभोर कर दिया. नारायणी की ठंडी हवाओं के बीच जब गीत की पंक्तियाँ — “हर वोट है उम्मीद की किरण, चलो निभाएँ लोकतंत्र का वचन” गूंजीं, तो पूरा माहौल राष्ट्रभाव से सराबोर हो उठा. ऑब्जर्वर बटलांग एस सोहलिया ने कहा कि यह अभियान सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि लोकतंत्र के प्रति जागरूकता की एक निरंतर यात्रा है. आने वाले दिनों में ऐसे प्रयास गांव-गांव तक किए जाएंगे ताकि “हर वोट गिने, हर मतदाता जागे.  सोनपुर में लोकतंत्र का उत्सव जारी है. जहां नारायणी के किनारे अब सिर्फ जल नहीं, बल्कि जागरूकता की लहर भी बह रही है.

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