एसटीएफ ने 4 हार्डकोर नक्सलियों को किया गिरफ्तार ; पूर्व माओवादी की हत्या के हैं आरोपी

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GAYA DESK – गया व औरंगाबाद जिलों की सीमा पर करीब एक दशक से लगातार संगीन घटनाओं को अंजाम दे रहे नक्सलियों के गिरोह से जुड़े चार कुख्यातों को एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तार नक्सलियों की पहचान कोंच थाना क्षेत्र के करमा गांव के रहने वाले अमरजीत यादव उर्फ जितेंद्र यादव, पांडेय पोखर गांव के रहनेवाले अलखदेव यादव उर्फ अलख यादव, कमलबिगहा-पुनिमाबिगहा गांव के रहनेवाले संजय यादव व मनोहरपुर गांव के रहनेवाले सुखेंद्र यादव के रूप में की गयी है. इन चारों के पास से चार मोबाइल फोन भी बरामद किये गये हैं. यह जानकारी बुधवार को पुलिस ऑफिस में आयोजित प्रेसवार्ता में एसएसपी आशीष भारती ने दी.

एसएसपी ने बताया कि 13 जून की देर रात कोंच थाना क्षेत्र के कमल बिगहा गांव के रहने वाले जगनारायण यादव के बेटे हीरा यादव उर्फ जितेंद्र यादव की हत्या गोली मार कर कर दी गयी थी. हीरा यादव भी नक्सली रह चुका है. हीरा यादव के भाई उपेंद्र यादव के बयान पर कोंच थाने में प्राथमिकी दर्ज की गयी थी. इस हत्याकांड के खुलासे को लेकर टिकारी डीएसपी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था. छानबीन में पता चला कि हत्याकांड में शामिल नक्सली गया व औरंगाबाद के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय हैं.

औरंगाबाद एसपी व एसटीएफ के साथ एक संयुक्त रणनीति बनायी गयी और छापेमारी शुरू की गयी.एसएसपी ने बताया कि गया व औरंगाबाद की एसटीएफ व विशेष टीम ने संयुक्त रूप से गुरारू के डबूर गांव में छापेमारी कर अमरजीत यादव व अलखदेव यादव को गिरफ्तार किया. इनके पास से मोबाइल फोन भी जब्त किया गया. इन दोनों ने पूछताछ में बताया कि कमल बिगहा गांव के रहनेवाले हीरा यादव ने मुखबिरी कर कई नक्सलियों को पुलिस के हाथों पकड़वाया था. साथ ही नक्सलियों के द्वारा प्रतिबंधित की गयी जमीन की खरीद कर रहा था.इन्हीं मामलों को लेकर हीरा यादव की हत्या कर दी गयी. एसएसपी ने बताया कि गिरफ्तार नक्सली अमरजीत व अलखदेव यादव के बयान पर कमल बिगहा-पुनिया बिगहा गांव में छापेमारी कर संजय यादव को गिरफ्तार किया गया. इसके बाद इनकी निशानदेही पर मनोहरपुर गांव में छापेमारी कर सुखेंद्र यादव को गिरफ्तार किया गया.

एसएसपी ने बताया कि गया व औरंगाबाद की एसटीएफ व विशेष टीम ने संयुक्त रूप से गुरारू के डबूर गांव में छापेमारी कर अमरजीत यादव व अलखदेव यादव को गिरफ्तार किया. इनके पास से मोबाइल फोन भी जब्त किया गया. इन दोनों ने पूछताछ में बताया कि कमल बिगहा गांव के रहनेवाले हीरा यादव ने मुखबिरी कर कई नक्सलियों को पुलिस के हाथों पकड़वाया था. साथ ही नक्सलियों के द्वारा प्रतिबंधित की गयी जमीन की खरीद कर रहा था. एसएसपी ने बताया कि गिरफ्तार नक्सली अमरजीत व अलखदेव यादव के बयान पर कमल बिगहा-पुनिया बिगहा गांव में छापेमारी कर संजय यादव को गिरफ्तार किया गया.

इसके बाद इनकी निशानदेही पर मनोहरपुर गांव में छापेमारी कर सुखेंद्र यादव को गिरफ्तार किया गया. एसएसपी ने बताया कि गिरफ्तार चारों नक्सलियों का आपराधिक इतिहास खंगाला गया तो पता चला कि अमरजीत यादव के विरुद्ध नक्सली घटनाओं से संबंधित गया जिले के परैया थाना में एक और औरंगाबाद जिले के रफीगंज थाने में एक, पौथू थाने में एक, मदनपुर थाने में चार, बंदेया थाने में एक और गोह थाने में तीन मामले दर्ज हैं. वहीं, गिरफ्तार अलखदेव यादव के विरुद्ध गया जिले के आंती थाने में एक, गया रेल थाना में एक, गुरारू थाने में एक और कोंच थाना में एक मामला दर्ज है. गिरफ्तार संजय यादव के विरुद्ध परैया थाना में एक मामला दर्ज है.

 

लेवी की मांग को लेकर जेसीबी में लगाई थी आग

एसएसपी ने बताया कि विगत चार जून की देर रात औरंगाबाद जिले के रफीगंज थाना क्षेत्र के पोगर गांव के पास स्थित एक ईंट-भट्ठे पर लेवी की मांग को लेकर हमला कर नक्सलियों ने मजदूरों के साथ मारपीट की थी और जेसीबी में आग लगा दी थी. इस मामले को लेकर रफीगंज थाने में धारा 13, 16, 18 व 17 यूएपी एक्ट सहित धारा 341, 323, 387, 435, 504, 506 व 34 के तहत केस दर्ज किया गया था. इस मामले में उक्त चारों नक्सलियों ने अपनी संलिप्तता को स्वीकार किया है. वहीं विगत 15 मार्च को औरंगाबाद जिले के पौथू थाना क्षेत्र के बनाही व करमा पांडेय गांव में लेवी वसूलने आये नक्सलियों से पुलिस मुठभेड़ हुई थी. इसमें नक्सलियों ने कई राउंड पुलिस पर गोली चलायी थी. इस मामले में दारोगा के बयान पर पौथू थाने में केस दर्ज किया गया था. इस मामले में भी गिरफ्तार नक्सलियों ने अपनी संलिप्तता स्वीकार की है.

इसके अलावा विगत 30 अप्रैल को गया जिले के परैया थाना क्षेत्र स्थित बगाही स्कूल, कचहरी पुल व कोहारा आहर की गुमटी पर नक्सलियों के नाम से धमकी भरा पत्र चिपकाया गया था.चारों नक्सलियों को औरंगाबाद जिले की पुलिस लेगी रिमांड पर इस मामले में परैया थाने में दारोगा के बयान पर केस दर्ज किया गया था. इस मामले में भी चारों नक्सलियों ने अपनी-अपनी संलिप्तता स्वीकार की है. एसएसपी ने बताया कि औरंगाबाद जिले में हुई घटनाओं में औरंगाबाद पुलिस चारों को रिमांड पर लेगी. साथ ही चारों नक्सलियों को गिरफ्तार करने में महती भूमिका निभानेवाले पुलिस पदाधिकारियों व जवानों को पुरस्कृत किया जा रहा है.

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