बिहार विधान सभा आम चुनाव को ले 27 से 30 तक आयोजित किया जाएगा इवीएम का मॉक पोल

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CHHAPRA DESK –  आगामी बिहार विधान सभा आम चुनाव के निमित्त इवीएम-वीवीपैट के एफएलसी को अंतिम रूप मॉक पोल के साथ दिया जाएगा. उक्त जानकारी जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिला पदाधिकारी अमन समीर ने शनिवार को सदर प्रखंड के निकट अवस्थित इवीएम वेयरहाउस में जारी एफएलसी कार्य का निरीक्षण करने के दौरान दीं. उन्होंने एफएलएसी में सही पायी गयी मशीनों का विवरण प्राप्त करने के बाद बताया कि लगभग ढाई सौ मशीनों पर मॉक पोल किया जाना है. जिला निर्वाचन पदाधिकारी श्री समीर ने बताया कि मॉक पोल की तैयारियां समानांतर रूप से पूरी कर ली गयीं हैं.

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सभी राजनीतिक दलों को इसकी सूचना पत्र के माध्यम से देने के साथ ही उनके साथ बैठक कर विस्तार से जानकारी दे दी गयी है. उन्हें रैंडमली मशीनों का चुनाव करने और मॉक पोल के दौरान स्वयं वोट डालने और मिलान व निगरानी करने के लिए इस अवधि में उपस्थित रहने को कहा गया है. वहीं इस कार्य में सहयोग के लिए पर्याप्त संख्या में मास्टर ट्रेनर की प्रतिनियुक्ति भी कर ली गयी है.

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पांच प्रतिशत मशीन पर होगा मॉक पोल

मौके पर मौजूद उप निर्वाचन पदाधिकारी जावेद एकबाल ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के मैनुअल ऑफ इवीएम के प्रावधानों के अनुसर एफएलसी में कुल सही पायी जाने वाली मशीनों के पांच प्रतिशत पर मॉक पोल किया जाना है. जिनमें से एक फीसद पर 12 सौ, दो फीसद पर एक हजार और दो फीसद पर पांच सौ वोट डाल कर मशीनों के क्षमता की जांच की जाएगी. पोल के दौरान बैलेट यूनिट में लगे डमी सिम्बल से वीवीपैट के प्रिंट का सतत मिलान किया जाएगा. पोल पूरा होने पर कंट्रोल यूनिट के रिजल्ट से वीवीपैट की पर्ची का मिलान भी किया जाएगा.

एक प्रतिशत मशीनों की होगी लोड टेस्टिंग

इवीएम सेल के नोडल पदाधिकारी सह डीएमडब्लूओ रवि प्रकाश ने बताया कि मॉक पोल के दौरान एक फीसद यानि लगभग 50 मशीनों की लोड टेस्टिंग भी की जाएगी. इसमें 64 अभ्यर्थी मान कर मशीन की क्षमता जांची जाती है। इसके लिए चार बीयू को सीरीज कर जोड़ा जाता है. उनमें 64 अभ्यर्थियों वाले डमी सिम्बल के बैलेट पेपर लगाने के साथ ही वीवीपैट में भी 64 डमी सिम्बल अपलोड किया जाता है. तत्पश्चात वोट डाल कर लोड चेक किया जाएगा. उन्होंने बताया कि सारण में एफएलसी कार्य पूरी पारदर्शिता और सतर्कता के साथ की गयी है. भारत निर्वाचन आयोग के प्रेक्षणों ने भी सारण के व्यवस्था और कार्य पर संतुष्टि जाहिर करते हुए सराहना की है. राज्य के अन्य जिले भी सारण को उदाहरण के तौर पर देख रहे हैं.

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