86 नियोजित शिक्षकों का सर्टिफिकेट पाया गया फ’र्जी ; शिक्षा विभाग ने तेज की कार्रवाई

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NAVADA DESK- बिहार के नवादा में 86 नियोजित शिक्षकों का सर्टिफिकेट फर्जी पाया गया है. शिक्षकों के कारनामा से विभाग का भी सिर चकरा गया है. सक्षमता परीक्षा के आवेदन पत्रों की जांच के दौरान पता चला है कि इन 86 शिक्षकों के नाम पर कई जगहों पर लोग नौकरी कर रहे हैं. नवादा में आठ हजार से अधिक नियोजित शिक्षक हैं जिनमें से 6 हजार शिक्षकों ने सक्षमता परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था. शिक्षा विभाग ने इसकी जानकारी दी है. अब जाकर मामला सामने आया है.

आवेदनों की जांच के क्रम में गड़बड़ियां मिली हैं. एक ही टीईटी, एसटीईटी व बीटीईटी के रौल नंबर पर कई जिलों में शिक्षक कार्यरत हैं. यानी एक रौल नंबर पर कई शिक्षक अलग-अलग जिलों में काम कर रहे हैं. विभाग का होश उड़ गया है. अब इन 86 नियोजित शिक्षकों पर जांच के बाद कार्रवाई हो सकती है.

विभिन्न स्कूलों में पदस्थापित हैं ये शिक्षक

बताया जाता है कि ये सभी 86 शिक्षक जिले के विभिन्न स्कूलों में पदस्थापित हैं. सक्षमता परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे. ऐसे में बीटीईटी और सीटीईटी सार्टिफिकेट पर बहाल हुए शिक्षकों का सीधे तौर पर सॉफ्टवेयर से मिलान किया जा रहा है. लिहाजा आसानी से डुप्लीकेट शिक्षक पकड़ में आ रहे हैं. यही वजह है कि जांच के क्रम में 86 नियोजित शिक्षकों का सर्टिफिकेट डुप्लीकेट पाया गया है.

जानकारी दी गई है कि पहले और दूसरे चरण में बहाल नियोजित शिक्षकों का दक्षता प्रमाण-पत्र और तीसरे से छठे चरण तक बहाल हुए शिक्षकों का बीटीईटी और सीटीईटी सर्टिफिकेट अपलोड करवाया गया था. इसी में गड़बड़ी पकड़ी गई है.*इन जगहों पर पाए गए फर्जी शिक्षक* बता दें कि जो 86 शिक्षक पकड़े गए हैं उनमें नवादा जिले के नारदीगंज और पकरीबरावां के 15-15, नवादा के 9, हिसुआ के 12, रजौली के 10, वारिसलीगंज के 9, काशीचक के 3, कौआकोल के 3, अकबरपुर, रोह, सिरदला और नरहट के 2-2, मेसकौर और गोविंदपुर के एक-एक शिक्षक हैं.

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