सिक्सलेन पुल निर्माण में मुआवजे की मांग को लेकर भू-अर्जन पदाधिकारी के साथ आंदोलनरत भूस्वामियों की बैठक रही बेनतीजा ; आगे होगा क्या?

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CHHAPRA DESK – सारण जिला स्थित शेरपुर-दिघवारा सिक्सलेन पुल निर्माण में मुआवजे के मांग को लेकर आंदोलनरत भूस्वामियों के साथ गुरुवार को जिला भूअर्जन पदाधिकारियों की बैठक के बाद भी कोई निष्कर्ष नहीं निकला. बताते चले कि ग्रेटर पटना रिंग रोड का महत्वपूर्ण हिस्सा व बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना शेरपुर दिघवारा सिक्सलेन पुल के निर्माण में अधिग्रहण होने वाले दिघवारा नगर पंचायत के मीरपुर भुआल एवं सैदपुर दिघवारा के सड़क किनारे की जमीन को कृषि भूमि बताकर गजट प्रकाशन एवं नोटिस निर्गत करने के बाद से ही स्थानीय रैयतों में काफी आक्रोश व्याप्त है. जिसके कारण उक्त परियोजना के धरातल पर उतरने में विलंब की संभावना दिख रही है.

स्थानीय भूस्वामियों की माने तो जिला निबंधन दर तालिका के अनुसार उनकी जमीन आवसीय मुख्य सड़क की श्रेणी में है और इसी तालिका के अनुसार उनसे निबंधन शुल्क भी वर्षों से सरकार लेती रही है. ऐसे में जमीन अधिग्रहण के समय उपरोक्त जमीनों को आवासीय के बजाय कृषि भूमि बताना भूस्वामियों के साथ अन्याय है.इस संबंध में एक ओर जहां रैयतों द्वारा सारण कमिश्नर के यहां आर्बिट्रेशन याचिका दायर किया गया था वहीं स्थानीय निकाय के विधानपार्षद सच्चिदानंद राय ने भी सदन में इस मामले को गंभीरता से उठाया था. जिस पर त्वरित करवाई हेतु उच्च स्तरीय कमिटी गठन की बात उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने बताई थी। वही सारण कमिश्नर ने जिला भूअर्जन कार्यालय को स्थानीय भूस्वामियों से मिलकर उनका पक्ष जानने एवं मामले के निष्पादन का निर्देश दिया था.

जिसके बाद गुरुवार को भूअर्जन कार्यालय से पधारे कानूनगो पदाधिकारी मोहम्मद फिरोज इकबाल सहित एस पी सिंगला के वरीय पदाधिकारी संतोष कुमार ने स्थानीय भूस्वामियों के साथ बैठक करके उनका पक्ष जानने का प्रकाश किया. जिस पर रैयतों ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि आवासीय मुख्य सड़क श्रेणी की जमीन को कृषि भूमि बताने से हम सबों का काफी एतराज है .वहीं भूअर्जन के कानूनगो पदाधिकारी ने बताया जिन लोगो को कृषि भूमि पर आपत्ति है उनके आपत्ति पर विचार करते हुए उक्त भूमि का मुआवजा विकासशील श्रेणी के रूप में देने को विभाग तैयार है.

जिस पर भूस्वामियों ने कड़ा एतराज जताते हुए भूस्वामियों ने कहा कि हमारी जमीनों का मुआवजा जब तक निबंधन तालिका के अनुसार आवासीय मुख्य सड़क श्रेणी की दर से नहीं मिलता है. तब तक हमारा आंदोलन और विरोध जारी रहेगा. लिहाजा भूअर्जन पदाधिकारियों की टीम को बिना किसी निष्कर्ष के वापस लौटना पड़ा. स्थानीय भूस्वामी अनुज प्रतीक के कार्यालय परिसर में आयोजित इस बैठक में रैयतों के प्रतिनिधि के तौर पर, उदय सिंह, कृष्णा सिंह, पंकज कुमार, मुन्ना साह, संतोष राय, हरेश सिंह, जयराम साह, अखिलेश साह, संजय साह, रविन्द्र कुमार, सुरेश कुमार, अजय कुमार, जयनारायण प्रसाद सहित सैकड़ों भूस्वामियों ने अपना पक्ष रखा.

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