सारण के विभिन्न अस्पतालों में 33 नये विशेषज्ञ चिकित्सक तैनात ; स्वास्थ्य संस्थानों में भी अल्ट्रासाउंड की सुविधा होगी उपलब्ध

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CHHAPRA DESK –  सारण जिले में बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन लगातार प्रयासरत है. इसी कड़ी में हाल के दिनों में सारण के विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में 33 विशेषज्ञ चिकित्सकों की नई तैनाती की गई है. इन चिकित्सकों के आने से जिले में इलाज की सुविधाएं और अधिक मजबूत होंगी तथा मरीजों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं मिल सकेंगी. अब मरीजों को इलाज के लिए दूसरे शहरों का रुख कम करना पड़ेगा, जिससे समय और खर्च दोनों की बचत होगी. स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिन विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती की गई है, उनमें 11 जनरल सर्जन, 13 स्त्री रोग विशेषज्ञ, 5 सामान्य चिकित्सा पदाधिकारी, 1 एमडी एनेस्थिसियोलॉजी, 1 एमएस/एमडी ओबी-गायनी, 1 एमडी पीडियाट्रिक, 1 एमडी फिजियोलॉजी और 1 हड्डी रोग विशेषज्ञ शामिल हैं. इसके अलावा हेल्थ सब सेंटर स्तर पर राज्य स्तर से 9 एएनएम की भी पोस्टिंग की गई है। विभिन्न श्रेणियों के विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती से जिले में सर्जरी, प्रसव और इमरजेंसी सेवाओं में विशेषज्ञों की कमी काफी हद तक दूर होगी, जिससे मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर इलाज मिल सकेगा.

बायोमैट्रिक हाजिरी पर सख्ती

स्वास्थ्य संस्थानों में चिकित्सकों और कर्मियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए बायोमैट्रिक हाजिरी प्रणाली को सख्ती से लागू किया गया है. सारण के जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव स्वयं इस व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं. प्रत्येक सप्ताह आयोजित समीक्षा बैठक में बायोमैट्रिक हाजिरी की स्थिति की समीक्षा की जाती है. हाल के दिनों में कुछ स्वास्थ्य केंद्रों में बायोमैट्रिक उपस्थिति में गड़बड़ी की शिकायत सामने आने के बाद जिला स्तर पर जांच टीम गठित की गई है. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी कर्मी द्वारा फर्जीवाड़ा या अनियमितता पाई जाती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. इस व्यवस्था से अस्पतालों में डॉक्टरों की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित होगी और आम लोगों का भरोसा भी बढ़ेगा.

अल्ट्रासाउंड सुविधा भी जल्द

जिला स्वास्थ्य समिति के डीपीएम अरविन्द कुमार ने बताया कि जिले में 13 स्त्री रोग विशेषज्ञों की नई पोस्टिंग से मातृत्व स्वास्थ्य सेवाओं को बड़ा लाभ मिलेगा. जिन स्वास्थ्य संस्थानों में अभी तक अल्ट्रासाउंड की सुविधा उपलब्ध नहीं है, वहां स्त्री रोग विशेषज्ञों की तैनाती के बाद जल्द ही यह सुविधा शुरू करने की दिशा में तैयारी की जा रही है. इसके लिए राज्य स्तर पर आवश्यक प्रक्रिया चल रही है. इससे हाई-रिस्क गर्भावस्था की समय पर पहचान संभव होगी और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा.

बेहतर प्रदर्शन करने वाले चिकित्सकों को मिलेगा सम्मान

जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के लिए एक नई पहल की शुरुआत की है. इसके तहत चिकित्सकों के कार्यों की नियमित रैंकिंग की जाएगी और बेहतर प्रदर्शन करने वाले चिकित्सकों को सम्मानित किया जाएगा. रैंकिंग के लिए मरीजों के रजिस्ट्रेशन की संख्या, ऑनलाइन चिकित्सकीय परामर्श, मरीजों को कम समय में बेहतर उपचार उपलब्ध कराने जैसे कई मानकों को आधार बनाया जाएगा. इसके अलावा स्वास्थ्य संस्थानों की भी हर महीने रैंकिंग की जाएगी, ताकि सेवा की गुणवत्ता में लगातार सुधार हो सके. इस प्रणाली से पारदर्शिता बढ़ेगी और बेहतर कार्य करने की स्वस्थ प्रतिस्पर्धा भी विकसित होगी.

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