पौधा संरक्षण, कीट नियंत्रण व कीटनाशी अधिनियम एवं उसके अनुप्रयोग को लेकर कृषि कार्यालय में कार्यशाला का आयोजन

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CHHAPRA DESK – पौधा संरक्षण परामर्श एवं उपादान वितरण राज्य योजना अंतर्गत रबी फसल में कीट/व्याधि नियंत्रण व कीटनाशी अधिनियम एवं उसके अनुप्रयोग, रबी फसल में समेकित कीट प्रबंधन, गेंहू की खेती व खरपतवार नियंत्रण, जैविक नियंत्रण के विधि और प्रयोग इत्यादि विषयो पर छपरा शहर के साढा स्थित कृषि कार्यालय में कार्यशाला सह प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया. जिसमें करीब 45-50 कीटनाशी विक्रेताओं को प्रशिक्षण दिया गया. प्रशिक्षण की अध्यक्षता जिला कृषि पदाधिकारी श्याम बिहारी सिंह द्वारा की गई.

वहीं सभी कीटनाशी विक्रेताओं को जैविक विधि से कीट नियंत्रण पर बल दिया गया. वहीं किसानों के बीच नैनो यूरिया के फायदे और उसके प्रयोग कब और कैसे करे इस पर विशेष चर्चा की गई. कार्यक्रम के संयोजक, सहायक निदेशक पौधा संरक्षण राधेश्याम कुमार द्वारा कीटनाशी अधिनियम और उसके अनुप्रयोग तथा छिड़काव उपकरण के उपयोग तथा सावधानिया पर जोर दिया गया. अनुमंडल कृषि पदाधिकारी सदर पप्पू कुमार द्वारा उर्वरक के प्रयोग कब और कितना करे , तथा DAP के बदले कौन से उर्वरक का प्रयोग करे इत्यादि विषयो पर जोड़ दिया गया.

दीपक कुमार कृषि समन्वयक द्वारा रबी फसल में समेकित कीट प्रबंधन पर विशेष चर्चा की गई. फेरोमोन ट्रैप कैसे कार्य करता है और बायो एजेंट का कीट नियंत्रण में क्या भूमिका है इसपर भी विशेष जोड़ दिया गया. कार्यक्रम के अंत मे अनुमंडल कृषि पदाधिकारी माढौरा प्रियेश कुमार द्वारा सरकार की योजनाएं का लाभ लेने हेतु DBT पर ऑनलाइन आवेदन कैसे करे, जिसपर विशेष जोड़ देते हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम की समाप्ति की गई .


पौधा संरक्षण परामर्श एवं उपादान वितरण राज्य योजना अंतर्गत रबी फसल में कीट/व्याधि नियंत्रण व कीटनाशी अधिनियम एवं उसके अनुप्रयोग, रबी फसल में समेकित कीट प्रबंधन, गेंहू की खेती व खरपतवार नियंत्रण, जैविक नियंत्रण के विधि और प्रयोग इत्यादि विषयो पर छपरा शहर के साढा स्थित कृषि कार्यालय में कार्यशाला सह प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया. जिसमें करीब 45-50 कीटनाशी विक्रेताओं को प्रशिक्षण दिया गया. प्रशिक्षण की अध्यक्षता जिला कृषि पदाधिकारी श्याम बिहारी सिंह द्वारा की गई.

 

वहीं सभी कीटनाशी विक्रेताओं को जैविक विधि से कीट नियंत्रण पर बल दिया गया. वहीं किसानों के बीच नैनो यूरिया के फायदे और उसके प्रयोग कब और कैसे करे इस पर विशेष चर्चा की गई. कार्यक्रम के संयोजक, सहायक निदेशक पौधा संरक्षण राधेश्याम कुमार द्वारा कीटनाशी अधिनियम और उसके अनुप्रयोग तथा छिड़काव उपकरण के उपयोग तथा सावधानिया पर जोर दिया गया. अनुमंडल कृषि पदाधिकारी सदर पप्पू कुमार द्वारा उर्वरक के प्रयोग कब और कितना करे , तथा DAP के बदले कौन से उर्वरक का प्रयोग करे इत्यादि विषयो पर जोड़ दिया गया.

दीपक कुमार कृषि समन्वयक द्वारा रबी फसल में समेकित कीट प्रबंधन पर विशेष चर्चा की गई. फेरोमोन ट्रैप कैसे कार्य करता है और बायो एजेंट का कीट नियंत्रण में क्या भूमिका है इसपर भी विशेष जोड़ दिया गया. कार्यक्रम के अंत मे अनुमंडल कृषि पदाधिकारी माढौरा प्रियेश कुमार द्वारा सरकार की योजनाएं का लाभ लेने हेतु DBT पर ऑनलाइन आवेदन कैसे करे, जिसपर विशेष जोड़ देते हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम की समाप्ति की गई .

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