नाबालिक लड़की के बलात्कार मामले में कठोर कारावास और अर्थ दंड की सजा

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CHHAPRA COURT DESK – छपरा जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह विशेष न्यायाधीश पोक्सो स्मिता राज ने पानापुर थाना कांड संख्या 202/ 22 के पॉक्सो वाद संख्या 41/ 22 में पानापुर थाना क्षेत्र के बृजेश कुमार को भादवि की धारा 376 के अंतर्गत बीस साल कठोर कारावास एवं पचास हजार रूपये अर्थ दंड की सजा सुनाई है. अर्थ दंड नहीं देने पर अतिरिक्त छह माह की सजा एवं पोक्सो की धारा 4 एवं 6 में बीस साल की सजा एवं पचास हजार रूपये अर्थ दंड नहीं देने पर अतिरिक्त छह माह की सजा तथा भादवि की धारा 506 के अंतर्गत 2 साल की सजा एवं पांच हजार रूपये अर्थ दण्ड की सजा सुनाई है. सभी सजाएं साथ-साथ चलेगी. विदित हो कि 15 जुलाई 2022 को पीड़िता ने पानापुर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी,

जिसमें उसने दर्शाया था कि वह अपने मामा के घर गई थी. जहां उसके बगल के चाचा बृजेश कुमार उसे घर बुलाने के लिए आए थे. मामा ने मना किया, परंतु उनके बहुत जिद्द पर 3 अप्रैल 2022 को उसके साथ घर जाने के लिए चली तो रास्ते में आम के बगीचा के पास पहुंचे तो वे जबरदस्ती गलत संबंध बनाए और घर वाले को नहीं बताने की धमकी दिए. उसके बाद वे बराबर धमकी देकर गलत काम किया करते थे. अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक सर्वजीत ओझा एवं उनके सहायक अश्विनी कुमार ने न्यायालय में सरकार का पक्ष रखा और कुल छह गवाहों की गवाही न्यायालय में कराई.

सजा के बिंदु पर बहस करते हुए विशेष लोक अभियोजक ने कहा कि अभियुक्त द्वारा बहुत ही घृणित कार्य किया गया है. इसलिए सभी धाराओं में जो अधिकतम सजा हो वह दिया जाए. अभियुक्त की ओर से अधिवक्ता ने कहा कि अभियुक्त का कोई अपराधिक इतिहास नहीं है और पूर्व से इन लोगों के बीच जमीनी विवाद है. दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायालय ने अपना आदेश पारित किया.

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