कृषि विभाग जिले में खोलेगी “खेतीबारी कृषि क्लिनिक” ; कीटनाशक दवाओं एवं कीटनाशक संयंत्रो पर कृषि विभाग देगी 75% का अनुदान

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CHHAPRA DESK – कृषि विभाग किसानों के हित को लेकर अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है. जिसमें किसानों की फसल को बचाने के उद्देश्य से पौधा संरक्षण संभाग के द्वारा किसानों के हित में कीटनाशक दवाओं, रसायनों एवं कीट नियंत्रण यंत्रों पर 75% का अनुदान दान दे रही है. जिसमें किसानो को कीटनाशक रसायनो व अन्य उपादानों पर जैसे फेरोमोन ट्रैप, लाइफटाइप ट्रैप, स्टीकी ट्रैप, फार्म गार्ड, लाइट ट्रैप पर अनुदान किया जा रहा है. इस बात की जानकारी देते हुए सारण जिला कृषि सहायक निदेशक राधेश्याम गुप्ता ने बताया कि जिले के किसान सरकार की इस योजना का लाभ उठा सकते हैं.

इसके लिए उन्हें ऑनलाइन आवेदन करना होगा. वैसे किसान जिनका किसान निबंधन संख्या है, उनको डीबीटी पोर्टल कृषि विभाग के बेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना है. बता दे की सरकार कई वर्षों से किसानों को ऑफलाइन के माध्यम से उपादान दे रही थी. लेकिन सरकार की इच्छा है कि किसान अपने खेत में लगे फसल, बगीचे के आम, लीची, अमरुद इत्यादि में लगे बीमारी एवं कीट नियंत्रण हेतु सरकार द्वारा चयनित सेवा प्रदाता के माध्यम से 48 से 72 घंटे में अपने खेतों पर छिड़काव भी करावे. जिससे कि उत्पादन क्षमता में वृद्धि हो सके तथा उत्पाद की गुणवत्ता में सुधार हो.

उन्होंने बताया कि पौधा संरक्षण संभाग के द्वारा किसानों के हित में किसानो को कीटनाशक रसायनो व अन्य उपादानों पर जैसे फेरोमोन ट्रैप, लाइफटाइप ट्रैप, स्टीकी ट्रैप, फार्म गार्ड, लाइट ट्रैप पर 75% का अनुदान दिया जा रहा है. उन्होंने बताया कि जिले में सर जमीन सेवा एवं उपादान वितरण योजना के तहत आधा दर्जन सेवा प्रदाताओं का चयन किया जा चुका है. जिनका कार्य मुख्यतः आम, लीची, अमरुद पर छिड़काव करना है.

 

सेवा प्रदाताओं द्वारा कीटनाशी रसायन छिड़काव के उपरांत उसकी सत्यता संबंधित पंचायत के कृषि समन्वयक द्वारा की जाएगी. छिड़काव कार्य का 25% राशि कृषकों के द्वारा सेवा प्रदाता को भौतिक सत्यापन के उपरांत देना होगा. जबकि, 75% का भुगतान कार्यालय द्वारा किया जाएगा. इसके लिए किसानों को अपने खेत और बगीचों में कीटनाशी छिड़काव के लिए किसी प्रकार के कीटनाशक की खरीदारी नहीं करनी है.

स्वास्थ्य विभाग की तर्ज पर कृषि विभाग भी करेगी “खेतीबारी कृषि क्लिनिक” की शुरूआत

कृषि सहायक निदेशक राधेश्याम गुप्ता ने बताया कि सरकार ने स्वास्थ्य विभाग की तर्ज पर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र की तरह कृषि विभाग में पौधा संरक्षण संभाग अंतर्गत प्रति अनुमंडल – 02 “खेतीबारी कृषि क्लिनिक” की स्थापना की मंजूरी दी है. इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों की फसल उत्पादन संबंधित सभी सेवाएं यथा – मिट्टी जांच की सुविधा, बीज विश्लेषण की सुविधा, कीट/ व्याधि प्रबंधन संबंधित सुझाव, पौधा संरक्षण संबंधित छिड़काव हेतु आवश्यक उपकरणों एवं तकनीकी विस्तार खेवा को स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराते हुए किसानो की खेतीबारी से संबंधित समस्याओं से निजात दिलाना है.

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