​गोण्डा कचहरी से गोल्डनगंज तक प्रस्तावित तीसरी व चौथी रेलवे लाइन परियोजना को ले डीएम ने की रेलवे के पदाधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक

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CHHAPRA DESK –  भारतीय रेलवे की महत्वाकांक्षी योजना ​गोण्डा कचहरी से गोल्डनगंज तक प्रस्तावित तीसरी व चौथी रेलवे लाइन परियोजना को लेकर सारण जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में आज समाहर्ता कक्ष में वरिष्ठ रेल अधिकारियों तथा जिला स्तरीय प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण प्रारंभिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई. इस उच्च स्तरीय बैठक में रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी, एनएचएआई , जल संसाधन विभाग, विद्युत विभाग, लघु सिंचाई के कार्यपालक अभियंता, अनुमंडल पदाधिकारी सदर, भूमि सुधार उपसमाहर्ता सदर सह जिला भू-अर्जन पदाधिकारी सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे. बैठक के दौरान रेल अधिकारियों द्वारा इस वृहद बुनियादी ढांचा परियोजना के संरेखण (Alignment) और प्रारंभिक खाके को साझा किया गया. यह परियोजना उत्तर प्रदेश और बिहार के कुल 7 जिलों को आपस में जोड़ेगी, जिसकी कुल लंबाई 378.742 किलोमीटर निर्धारित की गई है. इस परियोजना के तहत उत्तर प्रदेश के 5 जिले तथा बिहार के 2 जिले (सीवान एवं सारण) शामिल हैं, जिसमें सारण जिला के अंतर्गत इस ट्रैक की कुल लंबाई 49 किलोमीटर होगी. ​

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बैठक में प्रस्तावित एलाइनमेंट के बीच आने वाले लेवल क्रॉसिंग, नदियों और नहरों पर बनने वाले पुलों की विस्तृत रूपरेखा पर प्रारंभिक चर्चा की गई. वर्तमान डिजाइन के अनुसार, इस रेल खंड के अंतर्गत निम्नलिखित संरचनाओं का निर्माण प्रस्तावित है जिसमें रोड अंडर ब्रिज (RUBs) 16, ​बड़े पुल 14, ​छोटे पुल 93, ​रेल ओवर रेल 01 होंगे. एलाइनमेंट के भौतिक सत्यापन और भू-अर्जन आकलन का निर्देश जिला पदाधिकारी ने परियोजना की महत्ता को देखते हुए अनुमंडल पदाधिकारी सदर एवं भूमि सुधार उपसमहार्त्ता सह जिला भू-अर्जन पदाधिकारी सदर एवं विभिन्न तकनीकी विभागों के पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि रेलवे के पदाधिकारियों के साथ वे पूरे रेल एलाइनमेंट रूट का बारीकी से संयुक्त भौतिक सत्यापन करें.

इसके साथ ही, मार्ग में पड़ने वाले आवश्यक आरओबी (ROBs) और आरयूबी (RUBs) के स्थानों का स्थलीय निरीक्षण कर स्थलीय आवश्यकतानुसार रिपोर्ट तैयार करें. ​समीक्षा के क्रम में यह बात सामने आई कि चैनवा (Chainwa) से गोल्डनगंज (Goldenganj) तक रेलवे की मौजूदा लाइन और उससे सटे क्षेत्रों के विस्तारीकरण के लिए नए सिरे से भू-अर्जन (Land Acquisition) करने की आवश्यकता होगी. इसके अतिरिक्त, घनी आबादी और तकनीकी जटिलताओं से बचने के लिए कोपा (Kopa) से गोल्डनगंज (Goldenganj) तक एक नया बाईपास (Bypass) लाइन बनाने की योजना पर भी विस्तृत विचार-विमर्श किया गया. सभी संबंधित तकनीकी विभागों को संयुक्त सर्वे कर प्रतावित एलाइनमेंट में आने वाली अपने विभागीय संरचनाओं को सूचीबद्ध करने को कहा गया. उन्होंने एनएचएआई, जल संसाधन विभाग, पथ निर्माण विभाग, विद्युत विभाग, लघु सिंचाई विभाग आदि के अभियंताओं को आदेश दिया कि वे रेलवे के अधिकारियों के साथ मिलकर प्रस्तावित एलाइनमेंट मार्ग का संयुक्त सर्वे अनिवार्य रूप से करें. इस सर्वे का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रस्तावित रेलवे ट्रैक के कारण मौजूदा राष्ट्रीय राजमार्गों, ग्रामीण सड़कों, बिजली की लाइनों अथवा सिंचाई नहरों के संचालन में कोई बाधा उत्पन्न न हो। सभी विभागों को अपनी रिपोर्ट त्वरित गति से जिला प्रशासन को सौंपने को कहा गया है ताकि ससमय आगे की कार्रवाई की जा सके.


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