फिर एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान महिला की हुई मौत के बाद हंगामा

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CHHAPRA DESK –   सारण जिले में अवैध रूप से संचालित फर्जी नर्सिंग होम के कारण एक सप्ताह में दूसरी मौत हुई है. जहां पहली मौत छपरा शहर के बस स्टैंड के समीप स्थित ओम हेल्थ हॉस्पिटल में हुई थी. जिसके बाद परिवार वालों ने शव को सड़क पर रखकर घंटो जाम किया था. उस मामले में पीड़ित परिवार के द्वारा उक्त नर्सिंग होम की चिकित्सक डॉक्टर नेहा पांडे के खिलाफ लापरवाही से ऑपरेशन करने को लेकर मौत होने का मामला दर्ज कराया गया था. आज का ताजा मामला जिले के मकेर थाना क्षेत्र से सामने आया है और वह भी स्थानीय सरकारी अस्पताल के सामने संचालित मां पार्वती अस्पताल से, जहां उपचार के दौरान महिला को बेहतर चिकित्सा के लिए रेफर कर दिया गया लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई. बताया जा रहा है कि महिला को पेट दर्द की शिकायत के साथ वहां भर्ती कराया गया था और डॉक्टर के द्वारा इंजेक्शन देने के बाद उसकी स्थिति बिगड़ती चली गई, जिससे उसकी मौत हो गई. मृत महिला जिले के दरियापुर क्षेत्र के सैदपुर मोहम्मदपुर गांव निवासी काशी महतो की 64 वर्षीय पत्नी शिवज्योति देवी बताई गई है. मौत के बाद परिजनों ने नर्सिंग होम के डॉक्टर और स्टाफ पर बिना जांच इंजेक्शन देने और लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए डॉ को भागने का आरोप लगाया है.

वहीं घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए छपरा भेज दिया, लेकिन रात्रि होने के कारण शव का पोस्टमार्टम कराए जाने को लेकर प्रक्रिया जारी है. इस संबंध में मृतका के पुत्र राजू कुमार ने बताया कि रविवार सुबह करीब 9 बजे मां के पेट में अचानक दर्द शुरू हुआ. उन्होंने मित्र कर्ण कुमार से बात की तो कर्ण ने डॉक्टर मंटु से बात कराकर मकेर सरकारी हॉस्पिटल के समीप संचालित मां पार्वती निजी नर्सिंग होम में ले जाने की सलाह दी. राजू ने बताया कि वे लोग सुबह 10 बजे मरीज को लेकर नर्सिंग होम पहुंचे. वहां स्टाफ ने पहले तीन हजार रुपये जमा कराए और जांच की बात कही. जिसके बाद बिना किसी जांच के कई इंजेक्शन लगाने की बात कही गई. कुछ देर बाद महिला की स्थिति बिगड़ने लगी. दोपहर 12 बजे दिन में स्टाफ ने कहा कि इन्हें पटना ले जाना पड़ेगा, स्थिति खराब हो रही है. राजू के अनुसार, नर्सिंग होम के पास एक गाड़ी भी लग गई और स्टाफ जल्दी करने की बात करने लगा. जब वे लोग मरीज को उठाने लगे तो उसकी सांस रुक गई.

शोर मचाने पर सभी स्टाफ वहां से फरार हो गए. परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी. पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर थाने ले गई. मृतका को दो पुत्र राजू कुमार और दिलीप कुमार तथा सात पुत्रियां हैं. घटना के समय पति घर पर थे. घटना के समय मौके पर मृतका की पुत्री लिलावती देवी, बहू रीता देवी और गांव के लोग मौजूद थे. परिजनों का आरोप है कि मरीज की बिना जांच किए ही कई इंजेक्शन दे दिए गए, जिससे उसकी मौत हो गई. थानाध्यक्ष संग्राम कुमार सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल छपरा भेज दिया गया है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के सही कारण का पता चल सकेगा. उन्होंने कहा कि परिजनों के बयान के आधार पर अग्रतर कार्रवाई की जाएगी.

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