डीएम ने की विद्युत विभाग के कार्यों की समीक्षा ; निर्बाध विद्युत आपूर्ति व पीएम सूर्य घर योजना की प्रगति का दिया निर्देश

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CHHAPRA DESK –  सारण जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में विद्युत विभाग के कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में जिले की विद्युत अवसंरचना, विद्युत आपूर्ति की स्थिति, उपभोक्ता सेवाओं, सहयोग पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों के निष्पादन तथा प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई. बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने जिले की संपूर्ण विद्युत अवसंरचना के संबंध में जानकारी प्राप्त की. बताया गया कि छपरा पश्चिम विद्युत प्रमंडल के अंतर्गत 17 पावर सब-स्टेशन (PSS) कार्यरत हैं तथा लगभग 3.27 लाख उपभोक्ताओं को विद्युत आपूर्ति की जा रही है. वहीं छपरा पूर्व विद्युत प्रमंडल के अंतर्गत 24 पावर सब-स्टेशन कार्यरत हैं तथा लगभग 3.37 लाख उपभोक्ताओं को विद्युत सेवा उपलब्ध कराई जा रही है.

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जिलाधिकारी ने विद्युत आपूर्ति को अधिक सुचारू एवं निर्बाध बनाए रखने पर विशेष बल देते हुए कहा कि विद्युत व्यवधान की घटनाओं को न्यूनतम किया जाए तथा किसी भी प्रकार की तकनीकी खराबी या ब्रेकडाउन की स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. उन्होंने सभी कनीय अभियंताओं को आम जनता के प्रति संवेदनशील एवं उत्तरदायी रहने का निर्देश देते हुए कहा कि उपभोक्ताओं की शिकायतों का त्वरित समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए. वहीं सहयोग पोर्टल के माध्यम से प्राप्त विद्युत संबंधी आवेदनों की समीक्षा के दौरान बताया गया कि कुल 436 आवेदनों में से 350 का निष्पादन किया जा चुका है, जबकि शेष आवेदन लंबित हैं. जिलाधिकारी ने सभी संबंधित कनीय अभियंताओं को निर्देश दिया कि लंबित आवेदनों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी आवेदन को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाए. बैठक में विद्युत भार वृद्धि एवं भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए ट्रांसफॉर्मर ऑग्मेंटेशन की भी समीक्षा की गई. जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जहां भी आवश्यकता हो,

वहां प्राथमिकता के आधार पर ट्रांसफॉर्मर क्षमता वृद्धि हेतु प्रस्ताव तैयार कर विभाग को शीघ्र भेजा जाए, ताकि विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके. प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में अब तक कुल 2,297 आवेदन प्राप्त हुए हैं. इनमें से 1,768 आवेदकों द्वारा विक्रेता (Vendor) का चयन किया जा चुका है. इसके बावजूद मात्र 385 स्थानों पर सौर संयंत्रों की स्थापना तथा 326 लाभुकों को अनुदान राशि का भुगतान किया गया है. योजना की धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी एवं असंतोष व्यक्त किया. उन्होंने सभी कनीय अभियंताओं को निर्देश दिया कि योजना के क्रियान्वयन में तेजी लाई जाए तथा अधिक से अधिक नए आवेदन प्राप्त करने के लिए व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया जाए.

साथ ही उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक आवेदक से व्यक्तिगत रूप से संपर्क स्थापित कर उन्हें सोलर पैनल स्थापना के लिए प्रेरित किया जाए तथा स्थापना पूर्ण कराने में हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाए. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य आम नागरिकों को स्वच्छ एवं सस्ती ऊर्जा उपलब्ध कराना है. इसलिए इसके क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी. उन्होंने योजना में अपेक्षित प्रगति नहीं करने वाले कई कनीय अभियंताओं से स्पष्टीकरण प्राप्त करने का निर्देश भी दिया. बैठक में उप विकास आयुक्त, विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता, कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता, कनीय अभियंता सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे.

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