सिने अभिनेता मनोज वाजपेयी ने बेसिक ऑफ फिजिक्स पुस्तक का किया लोकार्पण

0 minutes, 2 seconds Read

Add

CHHAPRA DESK – सारण की रत्नगर्भा धरती ने कई शिक्षापुत्रों को जन्म दिया है जिन्होंने अपनी रचनाओं से छात्रहित में कई आयाम गढ़े हैं. इसी कड़ी में शहर के प्रभुनाथ नगर के निवासी व बिहार विश्वविद्यालय के प्राध्यापक डॉ धीरज कुमार सिंह ने अपनी पुस्तक ‘बेसिक ऑफ फिजिक्स’ के माध्यम से विज्ञान संकाय के छात्रों पर गहरी छाप छोड़ी है. एमएसएम समता कॉलेज हाजीपुर में भौतिकी के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ धीरज कुमार सिंह द्वारा लिखित पुस्तक ‘बेसिक ऑफ फिजिक्स’ का भव्य विमोचन बॉलीवुड के प्रसिद्ध अभिनेता मनोज बाजपेयी द्वारा किया गया. यह आयोजन मंगुराहा स्थित गेस्ट हाउस के सभागार में संपन्न हुआ।इस अवसर पर अभिनेता मनोज बाजपेयी के अलावा कई प्रतिष्ठित व्यक्तित्व उपस्थित रहे, जिनमें शिक्षाविद ज्ञानदेवमणि त्रिपाठी, सारण विकास मंच के संयोजक शैलेन्द्र प्रताप सिंह प्रमुख थे. सभी गणमान्य अतिथियों ने पुस्तक का लोकार्पण किया और लेखक के प्रयासों की सराहना की.

 

मनोज बाजपेयी ने की पुस्तक की सराहना

मनोज बाजपेयी ने पुस्तक के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह भौतिकी के छात्रों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी. उन्होंने डॉ धीरज कुमार सिंह की लगन और मेहनत की सराहना की और उम्मीद जताई कि यह पुस्तक छात्रों के लिए एक मूल्यवान संसाधन साबित होगी. सारण विकास मंच के संयोजक शैलेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि युवा लेखक डॉ धीरज की यह पुस्तक भौतिकी के विद्यार्थियों के लिये मील का पत्थर साबित होगी. वहीं शिक्षाविद ज्ञानदेवमणि त्रिपाठी ने कहा कि डॉ धीरज ने कम उम्र में ही भौतिकी के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है. उन्होंने कहा कि यह पुस्तक स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर के छात्रों के लिए बेहद उपयोगी होगी.

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप है पुस्तक

प्राचार्य डॉ प्रमेन्द्र रंजन सिंह, शिक्षविद शैलेंद्र सेंगर, समता कॉलेज जनदहा के प्राचार्य डॉ अनिल कुमार सिंह, समता कॉलेज भौतिक विभाग अध्यक्ष डॉ अरुण कुमार सिंह, डॉ भगवान राय, जयप्रकाश यूनिवर्सिटी के कुलसचिव डॉक्टर नारायण दास, शोधार्थी मानसी प्रिया ने धीरज की प्रतिभा की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए कहा है कि यह पुस्तक राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के नए पाठ्यक्रम पर आधारित है और भौतिकी विज्ञान की मूलभूत अवधारणाओं को सरल और स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करती है.

इसे स्थायित्व शिक्षा प्रकाशन, नई दिल्ली द्वारा प्रकाशित किया गया है. इस पुस्तक के लेखक की कार्ड उपलब्धियां हैं. मालूम हो कि डॉ धीरज कुमार सिंह महज 32 वर्ष की आयु में भौतिकी के सहायक प्राध्यापक के रूप में कार्यरत हैं. वे फिजिक्स के कई गूढ़ विषयों पर शोध कर चुके हैं. राष्ट्रीय स्तर के कई फिजिक्स ओलंपियाड में हिस्सा ले चुके हैं. उनकी यह पुस्तक उनकी विद्वत्ता और समर्पण का प्रमाण है. यह पुस्तक न केवल भौतिकी छात्रों बल्कि शिक्षकों और शोधकर्ताओं के लिए भी एक महत्वपूर्ण संदर्भ ग्रंथ होगी.

Similar Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *