चुनावी झड़प व ह’त्या में सोशल मीडिया पर हिंसा एवं उन्माद फैलाने के मामले में सा’ईबर थाना ने तीसरे अभियुक्त को किया गि’रफ्तार

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CHHAPRA DESK – सारण लोकसभा चुनाव के दिन भाजपा और राजद समर्थकों के बीच हिंसक झड़प के बाद 21 मई को भिखारी ठाकुर चौक पर हुए राजद कार्यकर्ता की हत्या मामले में सारण साइबर थाना ने तीसरे अभियुक्त को भी गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तार तीसरा अभियुक्त जिले के डोरीगंज थाना क्षेत्र के खमसपुर गांव निवासी रामबालक यादव का 29 वर्षीय पुत्र राजू रंजन यादव उर्फ राणा साहब बताया गया है, जो कि राणा साहब के नाम से पेज चलाता था और अपनी पिक के माध्यम से आपत्तिजनक पोस्ट डालकर दो जाती व समुदाय के बीच हिंसा को बढ़ावा दे रहा था.

प्रेस वार्ता के दौरान इस बात की जानकारी देते हुए डीएसपी राजकिशोर सिंह एवं साइबर डीएसपी अमन एवं भगवान बाजार थाना अध्यक्ष सुभाष कुमार सिंह ने बताया कि कुछ और सामाजिक तत्वों के द्वारा चुनावी झड़प व हत्या में सोशल मीडिया पर हिंसा एवं उन्माद फैलाने का प्रयास किया जा रहा था. उस मामले में तीसरे व्यक्ति की गिरफ्तारी की गई है. जोकि जिले के डोरीगंज थाना क्षेत्र के खमसपुर गांव निवासी राजू रंजन यादव है, जो राणा साहब नाम से पेज चलाता था. जबकि इससे पहले भी ऐसे दो लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है.

जिसमें पटना जिला के मसौढ़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत बैरम चक निवासी रामाशीष प्रसाद का 34 वर्षीय पुत्र संतोष रेणु यादव ‌ एवं छपरा शहर के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मेथवलिया गांव निवासी सवलिया राय का 24 वर्षीय पुत्र चन्दन कुमार शामिल हैं. उक्त अभियुक्तों के द्वारा निरंतर जाति समुदायों के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणियां एवं हिंसा को बढ़ावा दिया जा रहा था. जबकि साइबर थाना पुलिस सारण सोशल मीडिया पेट्रोलिंग के माध्यम से निरंतर ऐसे असामाजिक तत्वों पर पैनी नज़र रखी जा रही है. वहीं सारण पुलिस अधीक्षक डॉ आशीष के निर्देशानुसार ऐसे लोगो को चिन्हित कर तुरंत कार्रवाई करने हेतु एक विशेष टीम का गठन किया गया.

उसी कड़ी में सारण साइबर थाना काण्ड संख्या- 160/24, 161/24, 162/24 एवं 163/24 के अंतर्गत कार्रवाई करते हुए पुलिस द्वारा अबतक 03 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है. डीएसपी ने बताया कि इनके द्वारा सोशल मीडिया (Facebook व Youtube) के माध्यम से लोगों को जाति- समुदाय विशेष के विरुद्ध हिंसा, शत्रुता एवं दंगा के लिए प्रेरित किया जा रहा था एवं सार्वजनिक शांति को भंग करने का प्रयास किया जा रहा था. जिससे दो जाति समुदाय विशेष के बीच गंभीर तनाव उत्पन्न हो गया, जो विधि- व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा है.

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