छपरा सदर अस्पताल में ब्लड डोनेट करने जाना और व गर्भवती महिलाओं का जांच कराने जाना घातक ; हो जाती बड़ी दुर्घटना

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CHHAPRA DESK –  छपरा सदर अस्पताल स्थित ब्लड बैंक एवं जांच केंद्र के बाहर जलजमाव के कारण आए दिन मरीजों को खासी परेशानी हो रही है. आज दो गर्भवती महिला विनीता देवी एवं वीणादेवी भी गंदे पानी के जलजमाव में फिसलकर गिरते-गिरते बची. इसके बाद उन लोगों ने भगवान का शुक्रिया अदा किया कि उनके साथ कोई अनहोनी नहीं हुई. वहीं अपने परिचित को ब्लड डोनेट करने ब्लड बैंक गये शहर के गांधी चौक निवासी चंदन कुमार बाइक फिसलने के कारण गिर पड़े. जिसके कारण उन्हें चोट भी आई. जिसके बाद उसने कहा कि अब दोबारा ब्लड डोनेट करने नहीं आएंगे,

 

क्योंकि आज गिरने के कारण उसका पैर टूटने से बच गया. बता दें कि ब्लड बैंक जाने वाले रास्ते में पूरे रास्ते पर नाली का गंदा पानी जमा हुआ है. बता दें कि ब्लड बैंक के समीप स्थित पारामेडिकल हॉस्टल का गंदा पानी बहकर ब्लड बैंक और जांच केंद्र के समीप इकट्ठा होता है. बताया जा रहा है कि पारामेडिकल हॉस्टल के गंदे पानी के निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है और उसका गंदा पानी ब्लड बैंक और जांच केंद्र के सामने सड़क पर ही बहता रहा है.

जिसके कारण वहां कीचड़ की स्थिति के साथ ही जलजमाव में कीड़े-मकोड़े रेंगते नजर आते हैं. ऐसी स्थिति में ब्लड डोनेट करने आने वाले एवं गर्भवती महिलाओं को जांच करने के लिए वहां जाने में काफी परेशानी होती है. वही गिरने पड़ने के साथ इन्फेक्शन का भी खतरा बना रहता है. लेकिन अस्पताल प्रशासन इसकी तरफ से बिल्कुल बेपरवाह बना हुआ है. जबकि आए दिन चार-पांच लोग इस जलजमाव में फिसल कर गिरते हैं और अस्पताल प्रशासन को कोसते हुए जाते हैं.

क्या कहते हैं अस्पताल उपाधीक्षक

इस मामले में पूछे जाने पर अस्पताल उपाधीक्षक आर एन तिवारी ने बताया कि सदर अस्पताल में जल निकासी की समस्या है. बिल्डिंग तो बन रहे हैं लेकिन किसी से जल निकासी की व्यवस्था नहीं है. जिसके कारण पूरे बिल्डिंग से डिस्चार्ज होने वाला पानी सड़क पर ही वह कर रहा है. ब्लड बैंक के सामने जल जमाव की स्थिति खराब बनी हुई है, उसे ठीक कराया जाएगा.

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