छपरा नगर निगम मुख्य पार्षद निर्वाचन प्रक्रिया में आदर्श आचार संहिता का पालन अनिवार्य, नहीं तो होगी कार्रवाई : निर्वाची पदाधिकारी

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CHHAPRA DESK – सारण निर्वाची पदाधिकारी, छपरा नगर निगम-सह-उप विकास आयुक्त प्रियंका रानी के द्वारा मुख्य पार्षद के उप निर्वाचन हेतु जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के सभागार में अभ्यर्थियों के साथ बैठक आहूत की गयी.बैठक की अध्यक्षता करते हुए निर्वाची पदाधिकारी के द्वारा सभी अभ्यर्थियों को आदर्श आचार संहिता के संबंध में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया गया कि इसका अक्षरशः अनुपालन करना सबों के लिए अनिवार्य है. आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने वाले के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी दी गयी. वहीं अभ्यर्थियों के खर्च के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गयी.

निर्वाची पदाधिकारी के द्वारा बताया गया कि राज्य निर्वाचन आयोग बिहार से प्राप्त निदेशानुसार नगरपालिका उप निर्वाचन-2023 को स्वच्छ, निष्पक्ष पारदर्शी, भयमुक्त एवं शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से निर्वाचन की शुचिता बनाये रखने के प्रयोजनार्थ निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान प्रचार-प्रसार खर्च, घूस के रुप में नकदी या किसी वस्तु का विवरण, अवैध शराब का वितरण, असामाजिक तत्वों की आवाजाही आदि पर निगरानी रखने के लिए उड़न दरता एवं स्टैटिक निगरानी दल का गठन जिला निर्वाचन पदाधिकारी सारण (न) के द्वारा कर दिये जाने की जानकारी दी गयी.

निर्वाची पदाधिकारी के द्वारा उड़नदस्ता दल के संबंध में जानकारी देते हुए बताया गया कि यह दल चुनाव अधिसूचना की तिथि से मतदान की समाप्ति तक यह कार्यरत रहेगा. इस दल के साथ एक वीडियोग्राफर होगा. इस दल के द्वारा आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन और इस संबंध में शिकायत प्राप्त होने पर कार्रवाई की जाएगी. साथ ही निर्वाचकों को रिश्वत देने के प्रयोजनार्थ नगद राशि लाने की शिकायत पर कारवाई करेगा. वहीं असामाजिक तत्वों की गतिविधि, अवैध हथियार, शराब, मदिरा आदि के परिवहन पर नजर रखेगा और कार्रवाई करेगा.

चुनाव के दौरान लेन-देन करने वालों को होगा एक वर्ष की सजा और जुर्माना

प्रत्येक उड़नदस्ता वाहन पर सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली लगी रहेंगी जिसके माध्यम उद्घोषण कर लोगों को जानकारी दी जाएगी. उड़नदस्ता के पदाधिकारी अपने क्षेत्राधिकार में भारतीय दंड संहिता की धारा 171 ख के अनुसार कोई व्यक्ति निर्वाचन प्रकिया के दौरान किसी व्यक्ति को उसके निर्वाचक अधिकार का प्रयोग करने के लिए उत्प्रेरित करने के हेतु नकद या वस्तु रूप में कोई परितोष देता है या लेता है, वह एक वर्ष के लिए कारावास या जुर्माना या दोनो से दंडनीय होगा.

इसके अतिरिक्त, भारतीय दंड संहिता की धारा 171 ख के अनुसार जो व्यक्ति किसी अभ्यर्थी या निर्वाचक, या किसी अन्य व्यक्ति को किसी प्रकार की चोट लगाने की धमकी देता है वह एक वर्ष के लिए कारावास या जुर्माना या दोनों से दंडनीय है. उड़नदस्ता रिश्वत देने वालों और लेने वालों दोनो के विरूद्ध मामले दर्ज करने के लिए और ऐसे लोगो के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए गठित किए गए है जो निर्वाचक को डराने धमकाने में लिप्त है. उड़न दस्ता दल सभी नागरिकों से अनुरोध करेंगा कि वे रिश्वत लेने से परहेज करें और यदि कोई व्यक्ति रिश्वत की पेशकश करता है तो इसकी शिकायत नियंत्रण कक्ष में दें.

उन्होंने बताया कि अभ्यर्थियों को जुलुस सभा की पूर्वानुमति लेनी होगी. साथ ही संबंधित थाना को इसकी सूचना भी देनी होगी. वहीं सार्वजनिक स्थलों पर या निजी मकानों पर पोस्टर बैनर लगाना आदर्श आचार संहिता का उल्लघन माना जाएगा. जांच के क्रम में पकड़े जाने पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी. बैठक में जिला पंचायती राज पदाधिकारी, जिला जन-सम्पर्क पदाधिकारी, सहायक आयुक्त वाणिज्य कर, सारण तथा उप निर्वाचन पदाधिकारी उपस्थित थे.

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