आसन्न विधान सभा चुनाव को लेकर भारत निर्वाचन आयोग है सजग, बीएलओ सुपरवाइजर को किया जा रहा प्रशिक्षित : डीडीसी

0 minutes, 1 second Read

CHHAPRA DESK –  आसन्न बिहार विधान सभा आम चुनाव को लेकर भारत निर्वाचन आयोग बहुत ही सजग है. हर चुनावी गतिविधि और तैयारियों की उच्च स्तरीय निगरानी और पर्यवेक्षण की जा रही है. उक्त बातें सारण के प्रभारी जिलाधिकारी सह डीडीसी यतेंद्र कुमार पाल ने भिखारी ठाकुर प्रेक्षा गृह में आयोजित बीएलओ सुपरवाइजर के प्रथम जिला स्तरीय एक दिवसीय प्रशिक्षण का उद्घाटन करते हुए कहीं. उन्होंने बताया कि आपकी नियुक्ति और प्रशिक्षण भारत निर्वाचन आयोग के निदेशानुसार की जा रही है. उन्होंने कहा कि आयोग मतदाता सूची के निर्माण और शुद्धता को लेकर बहुत ही संवेदनशील है. बीएलओ का मुख्य कार्य मतदाता सूची में नाम जोड़ने, विलोपित करने, सुधारने समेत कार्य कर सूची को अद्यतन करने का है.

Add

सुपरवाइजर उनकी निगरानी और सहयोग का कार्य करेंगे. डीडीसी श्री पाल ने कहा कि प्रशिक्षण में बीएलओ के कार्य और दायित्व को ठीक से समझेंगे. ताकि उचित पर्यवेक्षण किया जा सके. उन्होंने सभी अनुच्छेद, नियम और प्रावधानों को बारीकी से समझने की ताकीद करते हुए कहा कि आयोग के आदेशानुसार प्रशिक्षण के अंत मेें मूल्यांकन किया जाना है. जिसमें सभी को उत्तीर्ण होना आवश्यक है. एसडीएम सदर नितेश कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि लोकतंत्र का आधार निर्वाचन है और निर्वाचन की धुरी बीएलओ है. जितना स्वच्छ निर्वाचक सूची होगी चुनाव उतना ही त्रुटिरहित और स्वच्छ होगा. उन्होंने सुपरवाइजर को नियमों के साथ व्यवाहारिक जानकारी रखने और स्वविवेक का प्रयोग करने को कहा.

अतिथियों का स्वागत डिप्टी ईओ जावेद एकबाल ने करते हुए कहा कि भारत निर्वाचन आयोग बीएलओ के माध्यम से सीधे निर्वाचक तक अपनी पहुंच बनाता है. इस प्रकार बीएलओ फिल्ड में निर्वाचन आयोग के आंख और कान होते हैं. एसएलएमटी सह उप निर्वाचन पदाधिकारी श्री एकबाल ने प्रशिक्षण का संचालन तीन सत्रों में किया. प्रथम सत्र में उन्होंने बीएलओ पर्यवेक्षकों की नियुक्ति, कार्य, जिम्मेदारी, कर्तव्य और व्यावहारिक अपेक्षाओं से अवगत कराया. दूसरे सत्र में उन्होंने बीएलओ के कार्य, जिम्मेदारी और कर्तव्य से विस्तार से अवगत कराया.

उन्होंने नाम जोड़ने, सुधारने, विलोपन से संबंधित सभी फॉर्म पर विस्तार से चर्चा की. श्री एकबाल ने बिन्दुवार सभी कार्यों के ऑफलाइन और ऑनलाइन करने की प्रक्रिया से अवगत कराते हुए आयोग के विभिन्न प्रकार के ऐप से परिचित कराया. अंत में आयोग द्वारा प्रेषित प्रश्न-पत्र के माध्यम से मूल्यांकन किया गया. उपस्थिति और मूल्यांकन पत्रक निर्वाचन विभाग को प्रेषित किया जाएगा.

Similar Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *