प्रधानमंत्री मुद्रा लोन का झांसा देकर लाखों की ठगी ; एक युवती सहित तीन शातिर गिरफ्तार

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PATNA DESK – बिहार की राजधानी पटना में साइबर क्राइम थाना पुलिस और CCSU की संयुक्त टीम ने प्रधानमंत्री मुद्रा लोन और अन्य सरकारी ऋण योजनाओं के नाम पर देशभर के लोगों से ठगी करने वाले एक बड़े संगठित साइबर गिरोह का पर्दाफाश किया है. पुलिस की संयुक्त विशेष टीम ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए एक युवती सहित तीन आरोपियों को धर दबोचा है. गिरफ्तार ठगों के पास से पुलिस ने छापेमारी के दौरान 6,08,650 रुपये नकद, 14 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, एक टैब, 15 एटीएम कार्ड, सात सिम कार्ड, पांच चेकबुक, चार पासबुक और तीन नोटबुक बरामद किए हैं. पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इन सभी जब्त उपकरणों और अहम दस्तावेजों से गिरोह के पूरे नेटवर्क तथा ठगी के अन्य मामलों का भी बड़ा खुलासा हो सकता है.जालसाजी का तरीका:प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि यह गिरोह फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रधानमंत्री मुद्रा लोन तथा अन्य सरकारी योजनाओं के नाम पर बेहद आकर्षक विज्ञापन पोस्ट करता था. इन विज्ञापनों को देखकर जब विभिन्न राज्यों के जरूरतमंद लोग लोन के लिए आवेदन करते थे,

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तब आरोपी मेटा प्लेटफॉर्म के माध्यम से आवेदकों की पूरी व्यक्तिगत जानकारी आसानी से प्राप्त कर लेते थे.मुख्य आरोपी:डीएसपी धारिया के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अक्षय कुमार (22), शिवम कुमार (22) और रिमझिम कुमारी (20) के रूप में हुई है. पुलिस द्वारा की गई गहन पूछताछ में इस नेटवर्क से जुड़े दो अन्य संदिग्ध लोगों की संलिप्तता भी सामने आई है, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस दो अन्य संदिग्धों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है.सफल टीम:इस सफल कार्रवाई में साइबर थाना की पुलिस अवर निरीक्षक शबनम कुमारी, पुलिस अवर निरीक्षक निरमा बैठा, सिपाही चंदन कुमार, सिपाही रितिक कुमार तथा CCSU पटना के अन्य पुलिस पदाधिकारी और कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही. पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है.”गुप्त सूचना मिलने के बाद साइबर थाना और CCSU की संयुक्त विशेष टीम का गठन किया गया था, जिसके बाद सूचना का सत्यापन किया गया फिर बाद में टीम ने पटना में छापेमारी कर गिरोह के तीन सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया. दो अन्य संदिग्धों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है. वहीं फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और इस गिरोह के पूरे देशव्यापी नेटवर्क का पता लगाने के लिए जांच लगातार जारी है. पुलिस टीम विभिन्न राज्यों में फैले इनके संपर्कों को खंगाल रही है ताकि ठगी की गई अन्य राशियों और बैंक खातों का पता लगाया जा सके और इस गिरोह को जड़ से खत्म किया जा सके.

 

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