पेपर लीक, TRE-4 बहाली और छात्र अधिकारों को लेकर आईसा ने हजारों हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन राष्ट्रपति को प्रेषित करने को ले डीएम को सौंपा

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CHHAPRA DESK –  देशभर में लगातार सामने आ रही पेपर लीक की घटनाओं, TRE-4 बहाली, प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता एवं छात्र-युवाओं के अधिकारों को लेकर छात्र संगठन आईसा द्वारा व्यापक हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है. इसी क्रम में बुधवार को छात्रों एवं युवाओं ने हजारों हस्ताक्षरों से युक्त ज्ञापन जिलाधिकारी, सारण को सौंपते हुए इसे राष्ट्रपति तक भेजने की मांग की. छात्रों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार पेपर लीक की घटनाएं सामने आने से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है. हाल ही में आयोजित नीट -यूजी 2026 परीक्षा को लेकर भी छात्रों ने प्रश्न उठाते हुए निष्पक्ष जांच एवं दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है.

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ज्ञापन में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए ) की कार्यप्रणाली की उच्चस्तरीय जांच कराने, पेपर लीक की घटनाओं पर सख्त रोक लगाने तथा परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाने की मांग प्रमुखता से उठाई गई है. छात्रों ने आरोप लगाया कि लगातार हो रही घटनाओं से अभ्यर्थियों का परीक्षा व्यवस्था पर विश्वास कमजोर हो रहा है. हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से छात्रों ने टीआरइ -4 अभ्यर्थियों की बहाली प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ करने एवं लंबित नियुक्तियों को अविलंब पूरा करने की भी मांग उठाई. साथ ही बिहार में शिक्षा एवं रोजगार व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की गई. ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि यह अभियान केवल छात्रों का नहीं, बल्कि अभिभावकों एवं आम नागरिकों की चिंता और भावनाओं का भी प्रतीक है.

अभियान के तहत बड़ी संख्या में छात्र-युवाओं ने हस्ताक्षर कर परीक्षा में पारदर्शिता, निष्पक्षता और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा की मांग को समर्थन दिया. छात्र संगठन ने जिलाधिकारी से अनुरोध किया कि हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन एवं मांगपत्र को अपने माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति, भारत सरकार तक पहुंचाया जाए, ताकि देश के करोड़ों छात्रों की आवाज सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंच सके और इस गंभीर विषय पर आवश्यक हस्तक्षेप सुनिश्चित हो सके.
छात्रों ने कहा कि शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर सरकार को गंभीरता से पहल करनी चाहिए, ताकि मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों का विश्वास लोकतांत्रिक व्यवस्था एवं परीक्षा प्रणाली में बना रहे.

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