निगरानी विभाग के जाल में फंसा घूसखोर दारोगा ; पूछताछ में बिगड़ी तबीयत; 9 हजार रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

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CHHAPRA DESK –  सारण जिले में पटना से पहुंची निगरानी विभाग की टीम ने एक घूसखोर दारोगा को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है. उसके द्वारा केस से नाम निकालने के एवज में ₹9000 की रिश्वत ली जा रही थी. उक्त दारोगा डोरीगंज थाना में पदास्थापित मोहित मोहन बताया गया है, जो कि कांड संख्या 123/26 में आयो है. घटना के संबंध में बताया जा रहा है कि भूमि विवाद को लेकर दो पड़ोसियों के बीच पूर्व से विवाद चला आ रहा है. इस विवाद मे आधा दर्जन से अधिक केस दर्ज हो चुके हैं. पीड़ित गौतम साह, मोनू साह सहित अन्य के खिलाफ मारपीट की प्राथमिकी दर्ज की गई थी. जिसमें कुछ लड़के पढ़ने वाले हैं. उक्त परिवार का आरोप है कि पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद है. मारपीट जैसी कोई घटना नहीं हुई थी. उस मामले में थाना के दरोगा मोहित मोहन केस आयो बनाये गए हैं. केस में से कुछ नाम निकालने को लेकर दारोगा मोहित मोहन के द्वारा ₹10000 रिश्वत की मांग की गई थी.

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₹9000 रिश्वत पर मामला हुआ तय

केस से नाम निकालने को लेकर दारोगा महेश मोहन के द्वारा ₹10000 रिश्वत की मांग की गई थी और मामला ₹9000 में तय हुआ. जिसकी शिकायत पीड़ित मोनू कुमार के द्वारा निगरानी विभाग से की गई थी और निगरानी विभाग ने मामले की जांच पड़ताल के बाद अपना जाल बिछाया. आज मोनू प्लान के तहत ₹9000 लेकर दरोगा के क्वार्टर पर पहुंचा और उसने जैसे ही रुपया महेश मोहन को थमाया, तत्क्षण निगरानी विभाग की टीम ने उसे रंगेहाथ पकड़ लिया.

 

गिरफ्तारी के बाद तबीयत बिगड़ 

₹9 हजार रिश्वत लेने वाले दारोगा को जब निगरानी विभाग ने दबोचा और पूछताछ शुरू की तो उसकी तबीयत गड़बड़ाने लगी. तब निगरानी विभाग की टीम के द्वारा सदर अस्पताल में उसका जांच कराया गया और जांच के बाद टीम उसे अपने साथ लेकर पटना के लिए निकल गई.

 

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