माउथ कैंसर का आयुष्मान कार्ड पर निशुल्क इलाज प्रारंभ : डॉ सुष्मिता ओझा ने कहा माउथ कैंसर के लिए गुटखा से कम खतरनाक नहीं है खैनी

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CHHAPRA DESK –  माउथ कैंसर के लिए गुटखा जितना खतरनाक है उससे कम खतरनाक नहीं है खैनी अथवा तंबाकू भी. उक्त बातें शहर के काशी बाजार स्थित मीरा हॉस्पिटल की प्रसिद्ध डेंटिस्ट मैक्सिओफेशियल सर्जन डॉक्टर सुष्मिता ओझा ने हलचल न्यूज़ से विशेष वार्ता के दौरान कही. उन्होंने बताया कि आजकल युवाओं एवं टीनएजर को भी माउथ कैंसर की अधिक शिकायत हो रही है. पूर्व में यह बीमारी 50 वर्ष से अधिक आयु के लोगों में परिलक्षित होता था. लेकिन, आज के युवा और टीनएजर फैशन और दोस्ती में दिखावे को लेकर स्मोकिंग के साथ गुटखा अथवा तंबाकू का सेवन कर रहे हैं. जो कि माउथ कैंसर का मुख्य कारण बन रहा है.

माउथ कैंसर के बहुतायत केस उनके क्लीनिक पर आ रहे हैं, जिसको लेकर उनके द्वारा अब आयुष्मान कार्ड पर माउथ कैंसर का निशुल्क उपचार प्रारंभ कर दिया गया है. ऐसे मरीजों को आयुष्मान कार्ड पर पूरी तरह निशुल्क उपचार की सुविधा मीरा हॉस्पिटल में उपलब्ध करा दी गई है. उन्होंने बताया कि उनके द्वारा अब तक एक दर्जन से अधिक माउथ कैंसर का ऑपरेशन किया जा चुका है और सभी मरीज पूरी तरह स्वस्थ है. उन्होंने आम जन मानस को जागरूक करने के उद्देश्य से बताया कि अमूमन लोग खैनी उर्फ तंबाकू को बीमारी का कारण नहीं मानते हैं और खैनी खाते हैं.

लेकिन, माउथ कैंसर के लिए खैनी भी उतना ही जिम्मेवार है जितना गुटखा है. उन्होंने बताया कि खैनी दबाने वाले होठों पर जख्म होने के बाद कैंसर का रूप लेता है. वही उसका ऑपरेशन किए जाने के बाद भी इसकी कोई गारंटी नहीं होती है कि वह दूसरे स्थान पर जख्म नहीं बने. ऐसी स्थिति में नशा के साथ गुटखा और तंबाकू का भी सेवन पूरी तरह निषेध करें, ताकि कैंसर जैसी घातक बीमारी से जीवन रक्षा हो सके.

 

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