फिरोमैन ट्रैप और जैविक कीटनाशी से ही करें फसलों की सुरक्षा : डीएओ ने कहा अनुदानिक दर पर किसानों को कराया जा रहा उपलब्ध

0 minutes, 1 second Read

Add

CHHAPRA DESK –  सारण जिला कृषि पदाधिकारी की अध्यक्षता में पेस्ट सर्वेलांश एवं एडवाइजरी कमिटी सारण की बैठक सहायक निदेशक पौधा संरक्षण कार्यालय में की गई. जिसमें मुख्य प्रशिक्षक के रूप में कृषि विज्ञान केंद्र मांझी के वरीय वैज्ञानिक डॉक्टर विनायक द्वारा फसलों में कीट व्याधि की समस्या और फलदार वृक्ष खासकर आम और लीची के सूखने को लेकर चिंता ज़ाहिर की गई. वहीं उनपर नियंत्रण एवं बचाव हेतु अनुमंडल कृषि पदाधिकारी मढ़ौरा प्रियेश कुमार एवं अनुमंडल कृषि पदाधिकारी सदर छपरा अरविंद कुमार राय द्वारा दलहनी और तेलहनी फसलों के खेतो में लगनेवाले वाले कीटो की समस्या, खरपतवार की समस्या और किसानो को जैविक कीटनाशियो के प्रयोग पर जागरुक किया.वहीं जिला कृषि पदाधिकारी श्याम बिहारी सिंह द्वारा समेकित कृषि प्रणाली अपनाने की सलाह दी गयी.

सहायक निदेशक पौधा संरक्षण, राधेश्याम कुमार के द्वारा समेकित कीट प्रबंधन एवम जैविक कीटनाशी के प्रयोग पर उचित सुझाव दिया गया. उन्होंने बताया कि जिले के प्रत्येक प्रखण्ड में रबी फसल में विशेषकर दलहन तेलहन और गेहूं पर 03-03 पौधा संरक्षण पाठशाला चलाई जा रही है. साथ ही कीटनाशी विक्रेताओ को भी प्रशिक्षित किया जा चुका है, ताकि किसानो को अनुसंशित मात्रा में कीटनाशी के प्रयोग हेतु उचित सलाह दिया जाये और अच्छे कीटनाशी भी अनुदानित दर पर किसानो को उपलब्ध कराई जाए. जिले के 20 प्रखंडो के सभी पंचायतों के किसानों के खेतों व बगीचे में पौधा संरक्षण सम्भाग की तरफ से किसानों को 50% से लेकर 75% अनुदानित दरों पर कृषि विभाग के प्रचार प्रसार कर्मियों द्वारा फेरोमैन ट्रेप, लाइफटाइम ट्रैप, जैविक कीटनाशी और रासायनिक कीटनाशी का वितरण किया जा रहा है.

साथ ही इन्हें कीट प्रबंधन के लिए नई-नई तकनीक भी बताए जा रहे हैं. सब्जी व आम जैसे फलदार पौधों को फ्रुट फ्लाई से बचाव के लिए लाइफ टाइम फेरोमैन दिया जाता है. दलहनी फसलों में फली छेदक कीट से बचाव के लिए फेरोमैन ट्रैप लगाया जा रहा है. अगर कोई किसान भाई एक एकड़ के लिए फेरोमोन ट्रैप लेते है तो उन्हें 600 रुपया देने होंगे और उनके खाते में एक पखवाड़े में 450 रुपया आ जायेगा. अगर 5 एकड़ के लिए लेते है तो उन्हें 3000 देने होंगे और 2250 रुपया उनके खाते में जाएगा. ठीक इसी तरह लाइफ टाइम ट्रैप एक एकड़ के लिए लेते है तो 1000 रुपया देना होगा और उनके खाता में 750 रुपया जाएगा.

जैविक कीटनाशी और रासायनिक कीटनाशी 2 हेक्टयर के लेने पर उनके खाते में 2000 अर्थात 50% अनुदान जायेगा. इस दौरान सहायक निदेशक पौधा संरक्षण राधेश्याम कुमार ने बताया कि कीटो से फसल बचेगी तभी तो उत्पादन बेहतर होगा. जिले में इसबार लक्ष्य कम है. इसीलिए पहले आओ पहले पाओ के तर्ज पर किसानों को दिया जा रहा है. फेरोमोन ट्रैप के प्रयोग से एक तो रासायनिक कीटनाशी के छिड़काव से छुटकारा मिलेगा वहीं अनावश्यक छिड़काव खर्च और पानी के बर्बाद होने से मुक्ति और फल हो या सब्जी या अनाज उत्पाद की गुणवत्ता और स्वाद भी बरकरार रहेगी.

उन्होंने बताया कि किसानों को 50% से 75% तक अनुदान पर सभी घटक दिए जाने के लिए जिले मे विक्रेताओ के द्वारा प्रचार-प्रसार कर कर्मियों के सहयोग से वितरण किया जा रहा है. रसायनिक एवं जैविक कीटनाशी पर 50 प्रतिशत तथा खाद्यान्न, दलहन, तिलहन के लिए फेरोमोन ट्रप पर 75 प्रतिशत अनुदान किसानों के लिए निर्धारित किया गया है. न्यूनतम 1 एकड़ एवं अधिकतम 5 एकड़ पर यह अनुदान निर्धारित किया गया है. वहीं योजना अंतर्गत जैविक कीटनाशी में ट्राइकोडर्मा और नीम तेल भी दिया जा रहा है तथा गांवों में जाकर किसानों को जागरूक किया जा रहा है. बैठक में जिला स्तर के सभी पदाधिकारियों के अलावे पौधा संरक्षण कर्मी, प्रखण्ड उद्यान पदाधिकारी एवं सहायक कर्मी उपस्थित थे.

Similar Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *