तीन माह के बकाया वेतन को ले नियोजित शिक्षकों में आक्रोश ; ईपीएफ-एनपीएस विवाद पर हाईकोर्ट में दायर याचिका पर चर्चा हुई

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CHHAPRA DESK –  सारण जिला अंतर्गत अमनौर प्रखंड के अमनौर कल्याण पंचायत स्थित खोरी पाकर गोविंद गांव में आज परिवर्तनकारी प्रारंभिक शिक्षक संघ के तत्वावधान में नियोजित शिक्षकों की बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता शिक्षक नेता नरेंद्र कुमार शर्मा ने की. बैठक के दौरान शिक्षको के बिभिन्न समस्याओं पर चर्चा हुई. तीन माह बीतने के बावजूद अब तक GOB से आच्छादित नियोजित शिक्षकों को वेतन नहीं मिलने से भारी आक्रोश देखा गया. शिक्षको का कहना है कि वेतन नही मिलने से घर चलाना मुश्किल हो गया है. एक ओर सरकार शिक्षको को हर माह के तीन से पांच तारीख तक वेतन भुगतान का नियम बनाया हुआ था. इसके बावजूद भी शिक्षको को वेतन भुगतान नही होना दुर्भाग्यपूर्ण है. शिक्षक नेताओं ने आरोप लगाया कि नियोजित शिक्षक नियमावली में 5200-20200 वाले वेतनमान में एनपीएस का प्रावधान है.

लेकिन सरकार ईपीएफ का लाभ देकर शिक्षकों को गुमराह कर रही है. इस मामले को लेकर संघ ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है. कोर्ट में सरकार ने जवाब के लिए समय मांगा है. शिक्षक नेताओं ने दावा किया कि जीत निश्चित होगी. शिक्षको ने बताया कि नियोजित शिक्षक ही वरीय शिक्षक है. बैठक में वरीयता, सेवाकालीन प्रशिक्षण के बाद भी प्रमोशन और वित्तीय लाभ से वंचित रखने जैसे मुद्दे उठे. शिक्षकों ने कहा कि नियमावली में स्पष्ट उल्लेख के बावजूद सरकार अपने ही नियमों का उल्लंघन कर रही है. सेवा शर्त के अनुसार नियोजित शिक्षक हर हाल में सीनियर हैं. इस मौके पर प्रभात कुमार सिंह, ऋषिकेश कुमार सिंह, शहजादा खां, रेखा कुमारी, अजित कुमार सिंह, नीरज शर्मा, सबिता कुमारी, संजय कुमार सिंह, मो अयूब अख्तर, फय्याज अहमद, मो कलीमुल्लाह, मो जैनुदिन, मो मुस्तफा, सुरेंद्र प्रसाद, मेहरून निशा समेत दर्जनों शिक्षक मौजूद थे.

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