सारण जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक में सघन मिशन इंद्रधनुष व खसरा-रूबेला उन्मूलन पर की गई चर्चा

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CHHAPRA DESK –  सारण जिले में 07अगस्त से शुरू होने वाले मिशन इन्द्रधनुष-5.0 एवं खसरा-रूबेला उन्मूलन हेतु कार्यक्रम को लेकर जिलाधिकारी अमन समीर की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग के जिला स्तरीय टास्क फोर्स के साथ समीक्षात्मक बैठक समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में आहूत की गई. बैठक में उप विकास आयुक्त सारण प्रियंका रानी, नगर आयुक्त, छपरा नगर निगम सुमित कुमार, सहायक समाहर्ता, सिविल सर्जन डॉक्टर सागर दुलाल सिंहा, चिकित्सा विभाग के वरीय चिकित्सक गण, जिला के सभी सीडीपीओ, जिले के सभी पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, बीएचएम, बीसीएम तथा वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए जिला के सभी प्रखंडों के प्रखंड विकास पदाधिकारी, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी उपस्थित हुए.

बैठक के दौरान सिविल सर्जन द्वारा बताया गया कि 07 अगस्त 2023 से तीन चरणों में सितंबर, अक्टूबर और नवंबर माह में सघन मिशन इंद्रधनुष अभियान चलाया जाएगा.
जिला स्तरीय टास्क फोर्स को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी महोदय ने बताया कि उच्च जोख़िम वाले क्षेत्रों में विशेष रूप से ध्यान देने की जरूरत होगी. अभियान के शुरू होने के पूर्व सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को आवश्यक प्रशिक्षण कार्यक्रम पूर्ण करने का निर्देश दिया गया.

प्रखंड स्तर पर अभियान के दौरान प्रखंड विकास पदाधिकारी की अध्यक्षता में बैठक कर अभियान का अनुश्रवण करने का भी निर्देश दिया गया. प्रखंड स्तरीय बैठक में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, सीडीपीओ एवं प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी निश्चित रूप से सम्मिलित हों. इसकी पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया.


सिविल सर्जन द्वारा बताया गया कि मिशन इंद्रधनुष एक बूस्टर टीकाकरण कार्यक्रम है. टीकाकरण का कवरेज अधिक करने के लिए यह अभियान चिह्नित उच्च जोखिम वाले जिलों में चलाया जाता है. उन्होंने बताया कि सारण जिले के सभी प्रखंडों में मिशन इंद्रधनुष कार्यक्रम के तहत आगामी माह में नियमित टीकाकरण को गति देने एवं वंचित बच्चों को सात प्रकार के वायरस से बचाव के लिए वैक्सीन की बूस्टर डोज दी जाएगी.


डब्ल्यूएचओ के एसएमओ को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि जिले के सभी बीडीओ, सीओ, सीडीपीओ एवं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को मिशन इंद्रधनुष से संबंधित आवश्यक जानकारियों को अविलंब उपलब्ध कराया जाए. ताकि कार्यक्रम की शत प्रतिशत सफ़लता में किसी तरह से कमी नहीं हो. जानलेवा बीमारियों से सुरक्षा के लिहाज से टीकाकरण जरूरी है.

जिलाधिकारी द्वारा सिविल सर्जन को निर्देश दिया गया कि माइक्रो प्लान के तहत गर्भवती महिलाएं एवं जीरो से 5 वर्ष तक के बच्चों को विभिन्न प्रकार की जानलेवा बीमारियों से बचाने के लिए नियमित टीकाकरण बेहद जरूरी है. जिसको लेकर मिशन इंद्रधनुष कार्यक्रम के तहत ज़िले के सभी प्रखंडों के चयनित सत्र स्थलों पर गर्भवती महिलाएं एवं बच्चों के टीकाकरण का इंतजाम सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया.


सिविल सर्जन द्वारा बताया गया कि ज़िले के सभी 5 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को बीसीजी, ओपीवी, पेंटावेलेंट, रोटा वैक्सीन, आईपीवी मिजल्स, विटामीन-ए, डीपीटी बूस्टर डोज व बूस्टर ओपीवी के टीके लगाए जाएंगे. इसके साथ ही गर्भवती महिलाओं को अभियान के क्रम में टेटनेस- डिप्थेरिया के टीके भी लगाना है.

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