बैंक कर्मी ही निकला लुटेरों का मास्टरमाइंड साथी ; 20 पर्सेंट कमीशन पर लुटेरों को देता था लूट का सूत्र व शह

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CHHAPRA DESK – बिहार के सीतामढ़ी में बंधन बैंक से लूट मामले में गिरफ्तार लुटेरों ने जबराज खोला तो सभी की आंखें खुली की खुली रह गई और ज्ञात हुआ कि बैंक कर्मी के इशारे पर ही पूरी लूट की घटनाओं को अंजाम उनके द्वारा दिया गयाहै. जो कि सीधे 20 परसेंट का खेल है. जिले के डुमरा थाना क्षेत्र के सिमरा चौक स्थित बंधन बैंक की परसपट्टी ब्रांच में ये लूट अंजाम दी गई थी. 2 जून को दिनदहाड़े पिस्टल से लैस अपराधियों ने बैंक में घुसकर 10.22 लाख कैश लूट लिया था.

लूट के इस मामले में गिरफ्तार अमरेंद्र कुमार उर्फ निशांत ने डुमरा थाना पुलिस को दिए गए कबूलनामे में लूट का राज खोला है. निशांत ने पूछताछ में पुलिस को बताया है कि लूट को शातिर इंदल महतो ने अपने गैंग के साथियों के साथ मिलकर अंजाम दिया था. इस लूट में बैंक कर्मी पंकज कुमार ने पूरा सहयोग किया था. यह कर्मी ही पूरे लूट के खेल का मास्टरमाइंड है.

आरोपी बैंक कर्मी वैशाली जिले के भगवानपुर थाना क्षेत्र के किशनपुर गांव का रहने वाला है. बता दें कि बंधन बैंक में घुसकर लूट मामले में पुलिस की स्पेशल टीम लगातार छापेमारी कर रही है. संभावना जताई जा रही है कि बैंक लूट को अंजाम देने के बाद शातिर इंदल महतो गैंग के बाकी सदस्यों के साथ नेपाल में छिप गया है.

पुलिस गिरफ्त में आये निशांत ने ही यह खुलासा किया है कि बैंक कर्मी पंकज कुमार ने इंदल महतो से लूट की राशि का 20% देने पर सौदा किया था. इंदल से कर्मी पंकज की पहचान कुछ ही दिन पूर्व हुई थी. पंकज ने इंदल को बैंक के हरेक गतिविधि की जानकारी दी थी. कर्मी ही यह राज बताया था कि एक से दो तारीख को मोटा रकम कलेक्शन होकर बैंक में आता है. दो जून को वह बैंक में नहीं रहेगा. कैशियर टेबल में कैश रखता है. आराम से वारदात को अंजाम दिया जा सकता है.

जेल में ही की की गई थी लूट की प्लानिंग

निशांत ने खुलासा किया है कि जेल में ही इंदल महतो, सत्यप्रकाश, रंजन कुमार, मनीष कुमार, सूरज सिंह एवं सुजीत कुमार से मुलाकात हुई थी. जेल में ही इंदल महतो ने गैंग तैयार किया था और बताया था कि जेल से बाहर आते ही रीगा बाजार में बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा को लूटना है. हालांकि उक्त अपराधियों के बीच पहले रीगा में ही बैंक लूट की योजना बनी थी. सिमरा में बंधन बैंक लूट की योजना अचानक बन गई.


लाइनर का चेहरा भी हुआ बेनकाब

निशांत से पूछताछ में यह उजागर हुआ है कि स्थानीय सिमरा गांव निवासी सुजीत कुमार लाइनर की भूमिका निभा रहा था. इंदल ने कहा था कि सुजीत का घर बैंक के पास ही है. जैसे ही सुजीत इशारा करेगा, वैसे ही घटना को अंजाम दिया जाएगा. सुजीत को बैंक की गतिविधि के साथ पुलिस पर भी नजर रखने का जिम्मा दिया गया था. जैसे ही बैंक कर्मी लंच करने दूसरे कमरे में गये, तभी सुजीत ने इशारा किया. इस पर इंदल महतो, रंजन कुमार एवं अन्य बैंक के अंदर घुसकर हथियार के बल पर मात्र एक मिनट में 10.22 लाख रूपये लूट लिए थे.

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