निक्षय मित्र बनकर टीबी मुक्त करने में जनांदोलन के माध्यम से दे सकते हैं योगदान

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CHHAPRA DESK – टीबी उन्मूलन को लेकर स्वास्थ्य विभाग और सरकार प्रतिबद्ध है. इसको लेकर विभिन्न स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है. हाल ही में देश के राष्ट्रपति के द्वारा टीबी मुक्त भारत अभियान की शुरुआत की गयी है. इस अभियान को जन-आंदोलन बनाने का भी प्रयास किया जा रहा है. इसके लिए निक्षय मित्र योजना की भी शुरुआत की गई है. इस योजना की खास बात ये है कि टीबी के खिलाफ इस लड़ाई में आम आदमी भी अपना योगदान दे सकता है. निक्षय मित्र योजना एक तरह से क्षय यानि टीबी रोग से पीड़ित लोगों को गोद लेने की योजना है. इस योजना के तहत कोई भी स्वयंसेवी संस्था, औद्योगिक इकाई या संगठन, राजनीतिक दल या कोई व्यक्ति भी टीबी के मरीज को गोद ले सकेगा, ताकि वह उसका उचित इलाज करा सके.

 

इस अभियान के तहत व्यवस्था की गई है कि निक्षय मित्र बनने वाले व्यक्ति या संस्था कम से कम एक वर्ष के लिए और अधिक से अधिक तीन साल के लिए किसी ब्लॉक, वार्ड या जिले के टीबी रोगियों को गोद लेकर उन्हें भोजन, पोषण, आजीविका के स्तर पर जरूरी मदद उपलब्ध करा सकते हैं. लोग सामाजिक दायित्व के तहत मरीजों के इलाज और खानपान का खर्च उठा सकेंगे. इस अभियान से जुड़ने के लिए आप निक्षय पोर्टल www.nikshay.in पर रजिस्टर कर सकते हैं.

योजना का उद्देश्य

जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ रत्नेश्वर कुमार सिंह ने कहा कि इस अभियान को जन-आंदोलन बनाकर लोगों में टीबी के बारे में जागरूकता पैदा की जाएगी. उन्हें बताना होगा कि इस बीमारी की रोकथाम संभव है. इसका इलाज प्रभावी और सुलभ है. सरकार इस बीमारी की रोकथाम और उपचार के लिए निःशुल्क सुविधा प्रदान करती है. जैसा कि अक्सर देखने को मिलता है कि कुछ रोगियों और समुदायों में इस बीमारी को लेकर हीन भावना है. लोग इस बीमारी को कलंक के रूप में देखते हैं। यह भ्रम दूर करना होगा. सभी को यह जानकारी होनी चाहिए कि टीबी के कीटाणु हर व्यक्ति के शरीर में मौजूद होते हैं. किसी कारणवश जब किसी व्यक्ति की रोग-प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती तो व्यक्ति में यह रोग दिखता है. इलाज से इस बीमारी से जरूर छुटकारा मिल सकता है. ये सभी बातें लोगों तक पहुंचने के बाद ही टीबी से प्रभावित लोग इलाज की सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे

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