छपरा सदर अस्पताल में ऑनलाइन होगा रजिस्ट्रेशन निबंध काउंटर से मिले टोकन पर ही होगा उपचार ; जाने कैसे होगा उपचार

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CHHAPRA DESK – छपरा सदर अस्पताल में शीघ्र ही मरीजों का रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन प्रारंभ किया जाएगा. यहां पहुंचने वाले मरीजों का उपचार अब टोकन सिस्टम पर ही होगा. बिहार राज्य स्वास्थ्य समिति के निर्देश पर इस सिस्टम को लागू करने की प्रक्रिया छपरा सदर अस्पताल में प्रारंभ कर दी गई है. जिसको लेकर सदर अस्पताल एवं जिले के अन्य स्वास्थ्य केंद्रों के निबंध कर्मियों को ट्रेनिंग भी दिया जा रहा है.

जहां उन्हें बतलाया जा रहा है कि कैसे मरीज का रजिस्ट्रेशन कर उनको टोकन उपलब्ध कराया जाएगा और मरीज कैसे उस टोकन सिस्टम से उपचार पा सकेंगे. पहले चरण में सदर अस्पताल स्थित निबंध काउंटर को अपग्रेड किया जाएगा, जहां पहुंचने वाले मरीजों को रजिस्ट्रेशन के बाद पर्ची की बजाए उन्हें टोकन उपलब्ध कराया जाएगा. जिसके बाद मरीज सदर अस्पताल में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर भी टोकन प्राप्त कर सकते हैं.

टोकन पर कैसे होगा उपचार ?

छपरा सदर अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को ओपीडी के काउंटर पर पूर्ववत रजिस्ट्रेशन करवाना होगा, लेकिन रजिस्ट्रेशन पर उन्हें पर्ची नहीं टोकन दिया जाएगा. उस टोकन को लेकर वे संबंधित विभाग में जाएंगे, जहां मौजूद नर्स एवं कंपाउंडर को टोकन दिए जाने के बाद उनके द्वारा मरीज का हिस्ट्री पूछ कर कम्प्यूटर में अंकित किया जाएगा और तब उन्हें डॉक्टर के पास भेजा जाएगा. जहां,

डॉक्टर के द्वारा उनके टोकन नंबर से कंप्यूटर पर उनका फाइल ओपन कर वहां उपचार के लिए दवाई एवं जांच अंकित किया जाएगा. जिसके बाद वह टोकन को लेकर पुन: आवश्यकता अनुसार जांच केंद्र, एक्सरे, अल्ट्रासाउंड या अन्य वार्डो से होकर दवा वितरण काउंटर पर पहुंचेगे. जहां, उसे एक साथ जांच से संबंधित रिपोर्ट के साथ पर्ची और दवा उपलब्ध कराई जाएगी. जिससे कि उन्हें पता चल सकेगा की उनका उपचार और जांच क्या है और कौन-कौन सी दवाई उन्हें लिखी गई है.

मरीज पर बाहर की दवाओं और जांच का बोझ होगा कम

छपरा सदर अस्पताल में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन एवं ऑनलाइन दवा लिखे जाने के बाद मरीज के पॉकेट का बोझ काफी कम होगा और उन्हें स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रदत्त निशुल्क सुविधाओं का बराबर लाभ मिल सकेगा. बता दे कि ऑनलाइन निबंधन और टोकन सिस्टम से उपचार के बाद चिकित्सक द्वारा लिखी गई दवाएं व जांच भी ऑनलाइन हो जाएगा.

ऐसी स्थिति में उस पर्ची की मॉनिटरिंग हो सकेगी कि बाहर की दवाएं क्यों और किन परिस्थितियों में लिखी गई है और अनावश्यक जांच का का बोझ भी कम होगा. सदर अस्पताल स्थित निशुल्क पैथोलॉजिकल जांच की सुविधा अब सभी मरीजों को मिलने लगेगी, जो कि ऐसे जांचों को मरीज से बाहर से भी करवाया जाता रहा है.

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