विश्व पर्यावरण दिवस विशेष : पर्यावरण संरक्षण को लेकर दिल में चाहिए जुनून, पौधे तो छत पर भी उग आएंगे

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CHHAPRA DESK – आज विश्व पर्यावरण दिवस पर हम सभी को यह जरूर शपथ लेना चाहिए कि हमारा पर्यावरण कैसे संरक्षित और सुरक्षित रहे. आज इसकी चिंता जरूर होनी चाहिए ताकि ऑक्सीजन के लिए हमें अस्पताल के बेड का इंतजार नहीं करना पड़ेगा. कोरोना कल में सभी को इसका आभास जरूर हुआ होगा, जब ऑक्सीजन के अभाव में लाखों खर्च करने के बाद भी लोग मर रहे थे. हलचल न्यूज़ का यह मानना है कि पर्यावरण संरक्षण को लेकर बस एक जुनून चाहिए, पौधे तो छोटे ही सही लेकिन छत पर भी उग आएंगे. लेकिन जरूरी है कि उनका उसे पौधे का संरक्षण भी होता रहे,

क्योंकि आज अनेक संस्थाएं पौधारोपण का मुहिम चलाती है, लेकिन उन पौधों का संरक्षण नहीं हो पता है. फल स्वरुप एक स्थान पर अनेक संस्थाओं ने पौधा लगाया और आज भी वह स्थान पौधा विहीन है. क्योंकि, पौधों को लगाने के बाद वह संस्था यह भूल जाती है कि उसे पौधे को खाद-पानी भी चाहिए. सारण जिले में ऐसे अनेकों स्थान है और विद्यालय हैं, जहां दर्जनों बार पौधे लगाए जा चुके हैं. लेकिन वे पौधे वास्तव में लगे ही नहीं. इसलिए यह जरूरी है कि पौधा लगाने के बाद उसका संरक्षण और पोषण भी हो. कम-से-कम एक-दो महीने तक तो जरूर हीं, ताकि वह पौधा इतना मजबूत हो सके ताकि वह जमीन से नमी को खींच सके और अपना पोषण कर सके.

विकल्प के रूप में छत पर भी लगा सकते हैं फलदार पौधे

अगर आपके पास जमीन की कमी है तो आप छत पर फलदार पौधे भी लगा सकते हैं. इसके लिए बोनसाई पौधे का चयन किया जा सकता है. आज अनेक फलदार पेड़-पौधे जैसे :- कागजी नींबू, अमरूद, लीची, चीकू, अनार के बोनसाई रूप में उपलब्ध हैं. इन्हें अपनी छत व बालकनी में लगाकर आप जहां ऑक्सीजन के साथ फल का सकते हैं. वही फूलों के पौधे लगाकर अपनी खुशी भी पा सकते हैं. बस जरूरत है थोड़ी सी मेहनत और प्रयास की. हमारा पर्यावरण संरक्षित होने के साथ हमें शुद्ध हवा भी मिलेगी. तो आईए आप भी संकल्प लें कि “पौध जरुर लगाएंगे आक्सीजन के लिए अस्पताल नहीं जाएंगे”.

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