विद्यालय प्रशासन की लापरवाही से 300 छात्र -छात्राओं का भविष्य अधर में लटका ; सड़क जाम के बाद बच्चों ने डीएम से लगाई गुहार

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CHHAPRA DESK – छपरा में विद्यालय प्रशासन की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है, जहां छात्र -छात्राओं के रजिस्ट्रेशन का पैसा गबन किए जाने के कारण विद्यालय के 300 छात्र-छात्राओं का भविष्य अधर में लटक गया है. उनका रजिस्ट्रेशन नहीं हो पाया है. जबकि, अगले महीने 15 फरवरी से उनकी परीक्षा शुरू होने वाली है. ऐसी स्थिति में छात्र -छात्राओं ने जहां बीते दिन सड़क जामकर प्रदर्शन किया था, वहीं आज समाहरणालय पहुंचकर डीएम अमन कुमार समीर से अपने भविष्य को बचाने की गुहार लगाई हैं.

मामला सारण जिले के गरखा प्रखंड अंतर्गत गगन देवनारायण सिंह उच्च विद्यालय, धनोरा का है. जहां के प्रधानाध्यापक जयप्रकाश सिंह के द्वारा प्रत्येक छात्र-छात्राओं से ₹2000 की वसूली के बाद भी उनका रजिस्ट्रेशन नहीं कराया जा सका है. विद्यालय के छात्र-छात्राओं को इसकी जानकारी तब हुई जब वे लोग रजिस्ट्रेशन के लिए विद्यालय पहुंचे तो विद्यालय प्रशासन के दौरान उन्हें धक्के मार कर विद्यालय से बाहर भगा दिया गया. जिसके बाद उन बच्चों के द्वारा सड़क जाम कर प्रदर्शन किया जाने लगा. जिसके बाद स्थानीय मुखिया बबलू राय और थाना पुलिस मौके पर पहुंचे और काफी समझाने-बुझाने के बाद बच्चे शांत हुए.

लेकिन, कोई नतीजा नहीं निकाला. जिसके कारण आक्रोशित बच्चों ने मुखिया बबलू राय को साथ लेकर सीधे समाहरणालय वाले पहुंचे, जहां उनके द्वारा जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंप कर आगामी मैट्रिक परीक्षा में बैठने की स्वीकृति प्रदान करने की मांग की है. प्रदर्शन कर रही मैट्रिक की छात्रा खुशबू कुमारी, अंकिता कुमारी, अमरजीत कुमार प्रजापति, निधि कुमारी, डॉली कुमारी, स्वाति सिंह, छोटी सिंह, रोहित कुमार, मनोज कुमार, विक्की कुमार, शोभा कुमारी, संजय कुमार, रवि कुमार सहित सैकड़ो छात्र-छात्राओं ने बताया कि विद्यालय के प्रधानाध्यापक जयप्रकाश सिंह के द्वारा रजिस्ट्रेशन के नाम पर उनसे ₹1500 और एडमिशन के नाम पर ₹500 सहित कुल ₹2000 की वसूली की गई और रजिस्ट्रेशन के नाम पर उन्हें 2023 का डमी रजिस्ट्रेशन कार्ड पकड़ा दिया गया.

बाद में उन्हें पता चला कि उनका रजिस्ट्रेशन आया ही नहीं है. ऐसी स्थिति में वे लोग परीक्षा देने से वंचित रह जाएंगे. जबकि, आगामी 15 फरवरी से मैट्रिक की परीक्षा तय है. ऐसी स्थिति में उनका सेशन बर्बाद हो जाएगा और उनका भविष्य अंधड़ में लटक जाएगा. समाहरणालय पहुंचे छात्र -छात्राओं ने डीएम से गुहार लगाई है कि उनका जैसे भी हो रजिस्ट्रेशन करवाने के बाद मैट्रिक की परीक्षा में उन्हें बैठाया जाए. ताकि, उनका सेशन और भविष्य दोनों बर्बाद होने से बच जाए.

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