वाराणसी मंडल रेलवे सभी यूटीएस एवं पीआरएस टिकट काउंटरों पर टिकटों के भुगतान के लिए लगा रहा क्यूआर डिवाइस

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VARANASI DESK – पूर्वोत्तर रेलवे यात्रियों को सुविधाजनक एवं आरामदायक यात्रा अनुभव कराने के लिये निरन्तर प्रयासरत है. इसी क्रम में, यूटीएस एवं पीआरएस टिकट काउंटरों पर टिकटों के भुगतान के लिए इस रेलवे के विभिन्न स्टेशनों पर क्यूआर डिवाइस लगाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है, जिससे यात्रियों को यूपीआई के माध्यम से डिजिटल भुगतान करने की सुविधा उपलब्ध हो सके. वाराणसी मंडल पर 163 अदद क्यूआर डिवाइस उपलब्ध कराये गये हैं, जिनमें 105 काउंटरों पर लगाये जा चुके हैं तथा शेष 58 लगाये जाने की प्रक्रिया में हैं. इसी क्रम में वाराणसी मंडल के प्रमुख स्टेशनों पर 78 यूटीएस, 09 पीआरएस तथा 18 यूटीएस सह पीआरएस काउंटरों पर यूपीआई के माध्यम से डिजिटल भुगतान की सुविधा उपलब्ध है.

वाराणसी मंडल के देवरिया सदर स्टेशन के आरक्षण केन्द्र के तीनों टिकट काउंटरों पर यह सुविधा प्रदान की गयी है. इस प्रकार से बनारस स्टेशन के सभी यूटीएस एवं पीआरएस काउंटर पर फेयर रिपीटर के साथ क्यू आर कोड से भुगतान की सुविधा उपलब्ध हो चुकी है. इसके अतिरिक्त वाराणसी मंडल के अन्य स्टेशनों यथा वाराणसी सिटी, गाजीपुर सिटी मऊ, आजमगढ़, बलिया, सिवान, मैरवां, कप्तानगंज, बेल्थरा रोड, सलेमपुर, भटनी, सुरेमनपुर तथा थावे के आरक्षण काउंटरों पर भी शीघ्र ही यह सुविधा आरम्भ होने जा रही है.

इन क्यूआर डिवाइसों के लग जाने से नगद एवं फुटकर पैसों के लिए परेशान नही होना पड़ेगा तथा टिकट जारी करने में लगने वाले समय में कमी आएगी और पारदर्शिता बढ़ेगी. पहले यूपीआई के माध्यम से डिजिटल भुगतान की सुविधा ऑनलाइन टिकट बुकिंग हेतु उपलब्ध थी. परन्तु इन क्यूआर डिवाइसों के लग जाने से अब यूटीएस एवं पीआरएस काउंटरों पर टिकट बुकिंग हेतु भी डिजिटल भुगतान की सुविधा उपलब्ध हो गई है. इस बात की जानकारी देते हुए वाराणसी मंडल जनसंपर्क अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि क्यू आर कोड स्कैन से टिकट बनाने से यात्रियों को चेंज की परेशानी नहीं होगी. जितना टिकट का अमाउंट है.

वह ऑटोमेटिकली इसमें दिखाने लगेगा और स्कैन करने के बाद यात्री के मोबाइल में अपने आप fetch हो जाएगा, जिससे पारदर्शिता बनी रहेगा. यात्रियों को रिजर्व्ड टिकट बनाते समय टिकट की पूरी जानकारी फेयर रिपीटर में दिखेगी जिससे यात्री टिकट बुक होने के समय यह सुनिश्चित कर सकेंगे की उनका नाम, ओरिजिन एवम डेस्टिनेशन स्टेशन नाम, उम्र, यात्रा की तारीख टिकट में सही है. इसके साथ ही फेयर रिपीटर में टिकट बुक करने वाले रेलवे कर्मचारी का नाम भी दर्शाया जाएगा जिससे पारदर्शिता बनी रहेगी.

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