स्वास्थ्य विभाग का कारनामा : सारण में पीएचसी और सीएससी में लटक सकते हैं ताले ; इलाज के पड़ सकते हैं लाले

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CHHAPRA DESK – राज्य स्वास्थ्य समिति के कारनामे भी अजीब है. अगर स्वास्थ्य विभाग ऐसे कारनामे करने लगा तो वह दिन दूर नहीं जब सारण जिले के सभी पीएचसी और सीएचसी में ताले लटक जाएंगे. वहां इलाज के लाले पड़ जाएंगे और हंगामा शुरू हो जाएगा. कुछ ऐसा ही कारनामा सारण में होने वाला है. ऐसी स्थिति में सारण के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में होने वाले हंगामे को रोक पाना मुश्किल हो जाएगा. क्योंकि राज्य स्वास्थ्य विभाग के द्वारा जिले में पदास्थापित एएनएम नसों को स्थानांतरित किया जा रहा है,

लेकिन उनके जगह पर दूसरी नर्सों को यहां प्रतिनियुक्ति नहीं किया जा रहा है. जिसके कारण स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने में काफी कठिनाई उत्पन्न हो सकती है. क्योंकि स्वास्थ्य विभाग ने दूसरी बार जिले के विभिन्न प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केदो में पदस्थापित 60 एएनएम नर्सों के स्थानांतरण का पत्र सारण सिविल सर्जन डॉक्टर सागर दुलाल सिन्हा को भेजा है. उन सभी नर्सों के स्थानांतरित होने के बदले में सारण जिले को मात्र 6 नर्स ही मिल पाएंगी. जिन्हें दूसरे जिले से यहां पदस्थापित किया जा रहा है.

जबकि इससे पूर्व 54 नर्सों का स्थानांतरण सारण जिले से दूसरे जिलों में किया गया था और उसे समय भी 54 वर्षों की जगह पर मात्र 10 नर्स ही जिले में आ सकी थी. ऐसी स्थिति में यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि स्वास्थ्य विभाग के द्वारा ऐसे दो-तीन स्थानांतरण लेटर और आ जाए तो जिले के बीसों पीएचसी और सीएससी में से अधिकांश में ताला लटक जाएगा. क्योंकि, पीएसी और सीएचसी पर चिकित्सक मिले ना मिले लेकिन एएनएम नर्सों के कारण ही उन्हें सुचारू रूप से संचालित किया जा पा रहा है.

सिविल सर्जन के वेतन पर लग चुका है रोक

बता दें कि सारण में पदस्थापित सभी एएनएम नर्सें पटना, नालंदा और आसपास की हैं. लाजिमी है कि उनकी पैरवी भी अच्छी है. सारण सिविल सर्जन के द्वारा सीएचसी एवं पीएससी में बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराये जाने को लेकर स्वास्थ्य समिति द्वारा जारी स्थानांतरण के पत्र पर विचार करते हुए स्थानांतरण को रोका गया था. जिसको लेकर उनके डेढ़ महीने के वेतन पर भी रोक लग चुकी है.

बताते चलें कि सारण जिले के 15 सीएचसी एवं पांच पीएससी सहित शहरी और सदर प्रखंड अस्पताल में कल 399 नर्स कार्यरत रही है. जिनमें धीरे-धीरे नर्सें यहां से स्थानांतरित होकर जा रही है. वहीं इसके बावजूद भी अनेक नर्सें स्थानांतरण का आवेदन भी दे चुकी है. ऐसी स्थिति में सीएससी और पीएचसी को चला पाना है काफी मुश्किल हो जाएगा.

क्या कहते हैं सिविल सर्जन

इस मामले में सिविल सर्जन डॉक्टर सागर दुलाल सिन्हा ने बताया कि उनके द्वारा स्वास्थ्य विभाग को लिखा गया है कि एएनएम नर्सों के स्थानांतरण के समानांतर जिले में नर्सों की प्रतिनियुक्ति पर भी विचार किया जाए, ताकि स्वास्थ्य सुविधाओं को सुचारू रूप से चलाया जा सके.

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