सोनपुर ANM नर्सिंग संस्थान में छात्राओं के साथ अमानवीय व्यवहार ; शिकायत पर मारपीट ; प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल

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CHHAPRA DESK –  सारण जिला के सोनपुर स्थित ANM नर्सिंग संस्थान से बेहद गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां नर्सिंग छात्राओं के साथ जानवरों जैसा व्यवहार करने के आरोप लगे हैं. खाने में कीड़े मिलने की शिकायत करना छात्राओं को इतना भारी पड़ा कि उन्हें जवाब मिलने के बजाय मारपीट, धमकी और अपमान झेलना पड़ा. छात्राओं के अनुसार, बीते दिन मेस के खाने में कीड़े मिलने के बाद जब वे अपनी शिकायत लेकर प्रिंसिपल नूतन कुमारी के पास पहुंचीं तो मेस की गुणवत्ता पर सवाल उठाने के बजाए छात्राओं से ही हाथापाई की गई. छात्राओं का आरोप है कि प्रिंसिपल ने अपने गार्ड को आदेश दिया कि इन सबको भगाओ. जिसके बाद धक्का-मुक्की और मारपीट शुरू हो गई.
घटना से आक्रोशित छात्राएं रेफरल अस्पताल के सामने सड़क पर उतर आईं और जमकर नारेबाजी करते हुए संस्थान की एक-एक पोल खोलनी शुरू कर दी.


पहले भी हो चुकी हैं कई शिकायतें

छात्राओं ने बताया कि यह पहली बार नहीं है. इससे पहले भी 3–4 बार खाने में कीड़े मिलने और सड़े-गले सामान से भोजन बनाए जाने की शिकायत की गई, लेकिन हर बार मामला दबा दिया गया.


आरोप यह भी है

आरोप यह भी है कि छुट्टी लेने के नाम पर पैसे वसूले जाते हैं.
एडमिशन के दौरान भी अवैध रूप से रकम ली जाती है.
शिकायत करने पर फेल करने की धमकी दी जाती है.

SDO कार्यालय पहुंचा मामला, लेकिन सवालों से बचता रहा प्रशासन

करीब एक घंटे के प्रदर्शन के बाद सभी छात्राएं SDO कार्यालय पहुंचीं। वहां प्रिंसिपल के साथ जीविका को भी बुलाया गया. बैठक के दौरान माहौल काफी तनावपूर्ण रहा.
इसी दौरान आरोप है कि SDO (सोनपुर) खुद गुस्से में आ गईं और छात्राओं को ही फटकार लगाने लगीं. हालात इतने बिगड़े कि एक छात्रा बेहोश हो गई, लेकिन इसके बावजूद
प्रिंसिपल से यह नहीं पूछा गया कि छात्राओं के साथ मारपीट क्यों हुई.खाने की गुणवत्ता पर क्या कार्रवाई हुई, इसका कोई जवाब नहीं मांगा गया. जीविका से भी यह सवाल नहीं हुआ कि खाने में बार-बार कीड़े क्यों मिल रहे हैं.

बड़ा सवाल

अब बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या ANM नर्सिंग संस्थान में खाने की आड़ में लूट चल रही है?
क्या प्रबंधन, जीविका और प्रशासन के बीच सांठ-गांठ है?
और सबसे अहम बात यह है कि
क्या गरीब और मजबूर नर्सिंग छात्राओं की सुनवाई कभी होगी?
यह मामला अब सिर्फ खाने की गुणवत्ता का नहीं, बल्कि छात्राओं की सुरक्षा, सम्मान और भ्रष्ट व्यवस्था का बन चुका है.

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