रेजांगला शौर्य दिवस पर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर किया गया नमन

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CHHAPRA DESK –  छपरा शहर के सलेमपुर स्थित यादव छात्रावास में आज रेजांगला शौर्य दिवस बड़े ही गरिमामय एवं भावुक वातावरण में मनाया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व विभागाध्यक्ष राजनीतिक शास्त्र जयप्रकाश विश्वविद्यालय छपरा प्रो (डॉ) लालबाबू यादव ने की. उनके नेतृत्व में वीरता, त्याग और राष्ट्रभक्ति की गूंज पूरे परिसर में प्रतिध्वनित होती रही. उक्त अवसर पर उपस्थित वक्ताओं ने रेजांगला के अमर वीरों के शौर्य, अदम्य साहस और मातृभूमि के प्रति उनके सर्वोच्च बलिदान को याद कर उन्हें नमन किया. कार्यक्रम के दौरान युवाओं को बताया गया कि किस प्रकार 1962 के युद्ध में भारत माता के वीर सपूतों ने अंतिम सांस तक चीनियों के खिलाफ लड़ते हुए यादव वीर सैनिकों ने जिनकी संख्या मात्र 200 थी, अपने शौर्य और पराक्रम से 1400 चीनी सैनिकों को मार गिराया था.

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इस घटना की तारीफ चीन के कमांडरों ने भी की और दुनिया भर के युद्ध विशेषज्ञों ने माना कि यह विश्व की अब तक के बहादुरी की सबसे बड़ी लड़ाई है. बाद में भारत सरकार ने अरुणाचल प्रदेश के रेजांगला में अहीर धाम नामक स्थल का निर्माण किया, जहां प्रति वर्ष 18 नवंबर को इन शहीदों के सम्मान में शौर्य दिवस मनाया जाता है. यहां यह भी ज्ञात है कि स्वर कोकिला लता मंगेशकर ने चीनी युद्ध के भारत चीन युद्ध के बाद जो प्रसिद्ध ये मेरे वतन के लोगों गीत नामक गीत गाई थी वह इन्हीं भारतीय वीर यादव सैनिकों के सम्मान में थी.

यादव छात्रावास में आयोजित यह समारोह न केवल देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत रहा, बल्कि युवाओं में राष्ट्रहित के लिए समर्पित रहने की प्रेरणा भी देता रहा. रेजांगला के शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए सभी ने एक स्वर में कहा उनका बलिदान हमारा मार्ग है, उनका साहस हमारी पहचान. यह आयोजन स्मरण दिलाता है कि देश की सुरक्षा और गौरव के लिए दिए गए शहीदों के बलिदान सदैव अविस्मरणीय रहेंगे. मौके पर प्राचार्य अरुण कुमार, समाजसेवी कमलेश राय, प्राथमिक शिक्षा संघ के महासचिव अरविंद कुमार यादव, फेस का फ्यूचर इंडिया से मंटू कुमार यादव, यदुवंशी राय आदि उपस्थित थे.

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