पंचायती योजनाओं के कार्यान्वयन में घोर अनियमितता को ले संबंधित मुखिया, पंचायत सचिव व तकनीकी सहायक के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने का डीएम ने दिया आदेश

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CHHAPRA DESK –  सारण जिला के गड़खा प्रखंड अंतर्गत जलाल बसंत पंचायत में सरकार द्वारा संचालित योजनाओं में बिना कार्य कराये राशि की निकासी किये जाने से संबंधित आरोप को संज्ञान में लेते हुए सारण जिलाधिकारी अमन समीर द्वारा उपविकास आयुक्त, सारण को इसकी जांच करने का निर्देश दिया गया था. जिसपर उपविकास आयुक्त द्वारा सभी संबंधित योजनाओं की जांच की गई. जांच में कुछ योजनाओं में बगैर कार्य कराये राशि की निकासी किये जाने की पुष्टि हुई, जिसे रिपोर्ट में प्रतिवेदित किया गया. मोहरामपुर में छठ घाट का निर्माण, जलालबसन्त में धोबीघाट का निर्माण, जलालबसन्त के वार्ड सं० 11 में नाला निर्माण कार्य, वार्ड नं 11 में कब्रिस्तान की घेराबंदी,

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ओपन जिम का निर्माण आदि योजनाओं में स्थल पर बगैर कार्य कराये/फर्जी मापी कराकर लगभग 43 लाख 80 हजार रुपये की गलत निकासी कर अनुचित लाभ लिया गया है. जांच में पाया गया कि मुखिया द्वारा अपने पति के खाता में राशि हस्तांरित की गई है. जांच में इन योजनाओं के क्रियान्वयन में बरती गई घोर अनियमितता के लिये संबंधित मुखिया निकहत प्रवीण, पंचायत सचिव अनिल शर्मा एवं तत्कालीन तकनीकी सहायक आकांक्षा सहनी दोषी प्रतीत होते हैं.

जांच प्रतिवेदन के आधार पर जिलाधिकारी द्वारा प्रखंड विकास पदाधिकारी, गड़खा को सभी दोषियों के विरूद्ध कार्रवाई हेतु निर्देश दिया गया है. जिसमें तीनों दोषियों के विरूद्ध थाने में प्राथमिकी दर्ज करने, संबंधित पंचायत सचिव के विरुद्ध प्रपत्र ‘क’ में आरोप गठित करने, तकनीकी सहायक के विरुद्ध कार्रवाई हेतु प्रस्ताव देने, संबंधित मुखिया के विरुद्ध पंचायत राज अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई हेतु प्रस्ताव तैयार कर भेजने, एकमुश्त राशि वसूली नहीं होने की स्थिति में नीलाम पत्र वाद दायर कर वसूली हेतु कार्रवाई करने को शामिल किया गया है.

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