NEET परीक्षा को रद्द करने, NTA को बर्खास्त करने सहित अन्य मांगों को लेकर JPU के सामने अनिश्चितकालीन भूख-हड़ताल पर बैठे छात्र

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CHHAPRA DESK –  NEET परीक्षा को रद्द करने, NTA को बर्खास्त करने प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली बंद करने, जेपी विश्वविद्यालय में व्याप्त शैक्षणिक अराजकता व भ्रष्टाचार को दूर करने को लेकर वामपंथी छात्र संगठन एआईएसएफ, आइसा, एसएफआई के संयुक्त राज्यव्यापी आह्वान पर संगठन के छात्रों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान कर दिया और जयप्रकाश विश्वविद्यालय (JPU) के सामने धरना पर बैठ गए. इससे पहले मौजूद छात्र-छात्राओं ने कैम्पस में स्थित जयप्रकाश नारायण के प्रतिमा पर माल्यार्पण कर भूख-हड़ताल किया.

भूख-हड़ताल पर बैठने वालों में मुख्य रूप से एआईएसएफ के राज्य नेता राहुल कुमार यादव, आइसा के राज्य उपाध्यक्ष कुणाल कौशिक, शिवानी गुप्ता, संटू कुमार, रमेश कुमार, एसएफआई के देवेन्द्र कुमार हैं. भूख-हड़ताल पर बैठ एआईएसएफ के राज्य नेता राहुल कुमार यादव ने कहा कि जयप्रकाश विश्वविद्यालय के अंदर लगातार छात्र-छात्राओं की समस्याएं बढ़ती जा रही है. ना समय से परीक्षा और ना हीं त्रुटिरहित परिणाम मिल पा रहे हैं. लेकिन विश्वविद्यालय अधिकारियों के कानों तक जूं तक नहीं रेंग रही है. जेपी विवि में छात्र-छात्राओं का आर्थिक व मानसिक शोषण करने का सिस्टम किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

अनुदानित डिग्री महाविद्यालयों में यथाशीघ्र कमेटी का गठन कर शिक्षक कर्मचारियों-अधिकारियों के लंबित वेतन भुगतान किया जना चाहिए. उन्होंने कहा कि गरीबी विरोधी केंद्र व राज्य सरकार के गलत नीतियों के कारण लगातार प्रतियोगी परीक्षाओं में बड़े पैमाने धांधली की जा रही है. परीक्षा आयोजित करने वाली एनटीए जैसी भ्रष्ट संस्था को तत्काल खत्म कर देना चाहिए. छात्र-नौजवानों के भविष्य बर्बाद करने वाली नई सेना भर्ती प्रक्रिया अग्निवीर को तत्काल खत्म कर पुरानी प्रक्रिया से हीं सेना भर्ती हो यह सुनिश्चित किया जाए.
भूख हड़ताल पर बैठे आइसा के राज्य उपाध्यक्ष व जिला अध्यक्ष कुणाल कौशिक ने कहा की देश में शिक्षा का स्तर लगातार गिरते जा रहा है जिसकी जिम्मेदार केंद्र सरकार है,

हम देख रहे हैं की लगातार प्रतियोगी परीक्षाओं का प्रश्न पत्र लीक हो रहा है जिसका सारा भार छात्र नौजवानों के ऊपर पर रहा है. अभी हाल ही में हुई नीट 2024 की परीक्षा में भी घोर धांधली हुई है, जिसका जिम्मेदार NTA है. सबसे पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें और सरकार NTA जैसी भ्रष्ट परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था को खत्म कर संवैधानिक रूप से नई संस्था बनाए और देश के छात्रों से गद्दारी बंद करे. भूख हड़ताल पर बैठी आइसा नेत्री शिवानी गुप्ता ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार की गलत नीतियों के कारण व लगातार प्रतियोगिकी परीक्षाओं में धांधली के कारण लगातार छात्राओं एवं महिलाओं के हक पर अधिकारों पर हमले हो रहे हैं जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

भूख हड़ताल पर बैठे आइसा जिला कमेटी सदस्य रमेश कुमार ने कहा कि जयप्रकाश विश्वविद्यालय में भी व्यापक रूप से शैक्षणिक अराजकता है ना सही से परीक्षा आयोजित किया जाता है और ना ही परीक्षा आयोजन के बाद रिजल्ट समय से घोषित किया जाता है हम देख रहे हैं कि लगातार जयप्रकाश विश्वविद्यालय में छात्रों के नामांकन करने की संख्या काफी तेजी से घटती जा रही है जिसका कारण विश्वविद्यालय के शैक्षणिक राजकता पर ध्यान नहीं देना है। इन सभी समस्याओं का जिम्मेदार राज्यपाल व केंद्र सरकार है.
भूख हड़ताल पर बैठे आइसा जिला कमेटी सदस्य संटू कुमार ने कहा कि बिहार आरक्षण को 9वीं अनुसूचि में शामिल करने का प्रावधान विधानसभा से पारित करना होगा.

वहीं एसएफआई जिला सचिव देवेंद्र कुमार ने कहा कि नेट मे पेपर लीक का मामला आया तो तुरंत परीक्षा को रद कर दिया गया, लेकिन नेट पेपर लीक के पहले से ही नीट का पेपर लीक हुआ जिसको लेकर पूरे देश मे प्रोटेस्ट चल रहा है फिर भी नीट की परीक्षा को रद नहीं किया गया जिससे यह प्रतीत होता है की कही ना कही इस भ्रष्टाचार में सरकार भी लिप्त है. हमारी मांग है कि परीक्षा मे कदाचार की जिम्मेवारी लेते हुए शिक्षा मंत्री इस्तीफा दे और सरकार पेपर लीक पर स्थिति स्पष्ट करते हुए नीट की परीक्षा रद्द करें और पुनः कदाचार मुक्त परीक्षा करवाए.Bभूख-हड़ताल के समर्थन में मुख्य रूप से आइसा के हिमांशु कुमार, सोनू कुमार, विकास कुमार, पिंकी कुमारी, अरविंद कुमार, एसएफआई के गौरव कुमार, चिंकी कुमारी, एआईएसएफ के रविकिशन रजक, गुड्डू कुमार, राजु कुमार, विकास कुमार सहित, दर्जनों लोग मौजूद थे.

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