नौकरी दिलाने के नाम पर सारण में एक सौ करोड़ की ठगी ; रैकेट का भंडाफोड़, मास्टरमाइंड की तलाश जारी

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CHHAPRA DESK –  रेलवे में बुकिंग क्लर्क, टीटीई, आरपीएफ और ट्रैकमैन की फर्जी नौकरियां दिलाने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश हुआ है. सारण पुलिस ने इस गैंग के दो सदस्यों को गिरफ्तार भी किया है, जिनकी गिरफ्तारी से 100 करोड़ रुपये की ठगी का चौंकाने वाला खुलासा हुआ है.यह गिरोह बेरोजगार युवाओं को झांसा देकर उनसे मोटी रकम वसूलता था और गुजरात की एक सॉफ्टवेयर कंपनी के जरिए पैसे ट्रांसफर करता था। खास बात यह है कि ठगी गई राशि से फर्जी भर्ती किए गए युवाओं को कुछ महीनों तक वेतन भी दिया जाता था, जिससे उन्हें संदेह न हो.

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पुलिस जांच में पता चला है कि इस रैकेट का मास्टरमाइंड गोरखपुर का अनिल पांडे उर्फ राघवेंद्र शुक्ला है. जिसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है. अब तक गिरोह से जुड़े कई अहम सबूत पुलिस के हाथ लगे हैं, जिनमें लैपटॉप, मोबाइल, आधार कार्ड और पैन कार्ड शामिल हैं.इस ठगी का खुलासा तब हुआ जब सोनपुर स्टेशन पर तीन युवकों को बिना टिकट पकड़ा गया. पूछताछ में उन्होंने खुद को बुकिंग क्लर्क बताया, लेकिन जब उनके दस्तावेजों की जांच की गई, तो पूरा फर्जीवाड़ा सामने आ गया. इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की और धीरे-धीरे इस बड़े रैकेट का भंडाफोड़ हो गया.फिलहाल पुलिस इस गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है और जल्द ही पूरे गिरोह को सलाखों के पीछे पहुंचाने का दावा कर रही है.

 

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