महाराणा प्रताप की गौरवगाथा गाते हैं, तो भामा शाह जैसे राष्ट्रनिष्ठ सहयोगियों को भूलना राष्ट्र के प्रति कृतघ्नता होगी : शैलेंद्र प्रताप

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CHHAPRA DESK –  सारण विकास मंच द्वारा महान राष्ट्रनायक महाराणा प्रताप की जयंती के अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन छपरा शहर स्थित कार्यालय सभागार में किया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ महाराणा प्रताप के शौर्य गाथा की संगीतमय प्रस्तुति से किया गया. संगीत की प्रस्तुति कुमारी अंशिका एवं कुमारी अन्वेषा के साथ हारमोनियम पर भगवान शर्मा ने संगत किया. जिसके बाद महाराणा प्रताप के तैलचित्र पर वरिष्ठ नेता शैलेंद्र प्रताप सहित अन्य कार्यकर्ताओं के द्वारा पुष्प माला अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई.

महाराणा प्रताप की अद्वितीय वीरता और उनके संघर्ष को भावनात्मक रूप से प्रस्तुत करते हुए कार्यक्रम संयोजक शैलेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप ने कहा था कि ‘अपमानित जीवन से, संघर्षशील मृत्यु श्रेष्ठ है’. उनके जीवन से हमें यह सीख मिलती है कि स्वाभिमान और राष्ट्र की स्वतंत्रता सर्वोपरि है. आज जब हम महाराणा प्रताप की गौरवगाथा गाते हैं,

तो भामा शाह जैसे राष्ट्रनिष्ठ सहयोगियों को भूलना राष्ट्र के प्रति कृतघ्नता होगी. भामा शाह ने अपनी संपूर्ण संपत्ति राष्ट्र की सेवा में अर्पित कर दी थी. वहीं, महाराणा प्रताप ने भील समाज को अपने संघर्ष का भागीदार बनाकर सामाजिक समरसता की मिसाल पेश की. कार्यक्रम में जिले के शिक्षाविदों, समाजसेवियों, विद्यार्थियों और सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े गणमान्य लोगों ने संबोधित किया. सभी ने एक स्वर से महाराणा प्रताप की गौरव गाथा को गाते हुए उनके कार्यकलापों को जीवन में आत्मसात करने की बात कही.

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