देश का सबसे बड़ा चोर गिरोह पुलिस की गिरफ्त में ; महिलाएं करती थी रेकी और पुरुष रात में गुलेल से पता लगाते थे खाली घर का पता

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PALAMU JHARKHAND DESK – देश के सबसे बड़े चोर गिरोह का भंडाफोड़ झारखंड के पलामू में हुआ है. इस गिरोह के द्वारा झारखंड और बिहार में चोरी की दर्जनों घटनाओं को अंजाम दिया गया है. बता दें कि झारखंड के पलामू में 15, लातेहार में तीन और गढ़वा में दो चोरी की घटना हुई थी. गिरोह के उद्भेदन के लिए पलामू , गढ़वा और लातेहार में स्पेशल टीम गठन किया गया. पुलिस ने स्पेशल टीम ने तकनीकी जांच के आधार पर 59 लोगों को हिरासत में लिया था. जिसमे से 22 चोरी की घटना में शामिल थे. गिरफ्तार पारदी गिरोह के पास से पुलिस ने चोरी में इस्तेमाल होने वाले कई सामग्री को बरामद किया है. पलामू की एसपी रीष्मा रमेशन ने मेदिनीनगर शहर थाना में प्रेस वार्ता कर उक्त जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि आरोपियों के पास से दो बड़ा पेचकस, तीन गुलेल, लोहे का दो रॉड, आठ मोबाइल फोन, 48 हजार 500 नगद, चांदी का मछली जैसा बना हुआ 10 जेवर, चांदी का एक कटोरा, चांदी का एक गिलास, एक जोड़ा पायल, बैलून लगा लोहे का पत्ता, बैलून फुलाने का पंप बरामद किया गया है.

गिरोह के बीस सदस्य मध्य प्रदेश के हैं रहने वाले

पकड़े गए आरोपियों में 20 की पहचान मध्य प्रदेश के गुना जिले के धनैउदा थाना क्षेत्र के बिलाई खेड़ी गांव निवासी के रूप में हुई है. दो की पहचान मध्य प्रदेश के राइसन जिला के सांची थाना क्षेत्र के गुडल गांव निवासी के रूप में जबकि एक की पहचान बिहार के गया जिले के चाकन थाना क्षेत्र के चाकन बाजार गांव निवासी के रूप में किया गया है. इस मामले में 11 पुरुष और 11 महिला आरोपियों के साथ-साथ चोरी का सामान खरीदने के आरोपी बिहार के गया निवासी सोनार मनोज कुमार को गिरफ्तार किया गया है.

दिन में बैलून बेचकर महिलाएं करती थी घर की रेकी

बता दे कि पारदी गिरोह की महिलाएं दिन में बैलून बेचने का काम करती हैं और गली-गली बैलून बेचकर खाली घर का पता लगती है. जिसके बाद यह सूचना उनके द्वारा गिरोह के पुरुष सदस्यों को दी जाती है और फिर चोरी की घटना को अंजाम दिया जाता है.

गुलेल से चेक किया जाता था घर

बैलून बेचने वाली गिरोह की महिला सदस्य रेकी के बाद खाली घर के बारे में गिरोह के पुरुष सदस्यों को सूचना देती हैं और उसके बाद गिरोह घर को निशाना बनाता था. यह गिरोह गुलेल से रात ने घर को चेक करता था घर खाली है या उसमे लोग है. खाली घर मे गुलेल से पत्थर मारकर चेक करता था और हल्ला होने पर चोरी नही करता था. वहीं जब पत्थर मारने पर कुछ समय तक आवाज़ नही आती थी तो चोरी की घटना को अंजाम दिया जाता था.

बड़ी चोरी के बाद के बाद गिरोह के सदस्य देवी स्थल में करते थे पूजा

पारदी गिरोह से जुड़े सदस्य बड़ी चोरी की घटनाओं को अंजाम देने के बाद मंदिर में पूजा करते थे. इस गिरोह से जुड़े हुए इस पूजा में शामिल होते थे. पुलिस अनुसंधान में यह बात पता चला है कि गिरोह से जुड़े हुए कई सदस्य गया के जेल में हैं. पुलिस ने जब मामले में रामगढ़ के बरकाकाना कि इलाके में छापेमारी की तो कई जानकारी मिली थी. मौके से कई सदस्य फरार हो गए थे. पारदी गिरोह के सदस्य प्राय: स्टेशन और सुनसान इलाकों में अपना टेंट गिराकर रहते हैं.

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