डिप्टी सीएम ने किया वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप के प्रतिमा का अनावरण ; जय भवानी के जयकारे से गूंजा दाउदपुर ; जुटे दिग्गज

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CHHAPRA DESK –  वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की चेतक पर सवार प्रतिमा का अनावरण आज सारण जिले के दाउदपुर प्रखंड में किया गया. प्रतिमा का अनावरण सूबे के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने किया. प्रतिमा अनावरण के अवसर पर आयोजित सभा को अनेक वक्ताओं ने संबोधित किया और महाराणा प्रताप के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए उन्हें एक सच्चे योद्धा के रूप में पहचान की बात कही. उक्त अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि महाराणा प्रताप घास की रोटी खाना पसंद किया, लेकिन अकबर की पराधीनता को उन्होंने स्वीकार नहीं किया. वह जंग के मैदान में अकबर से लोहा लेते रहे. करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने वक्ताओं को संबोधित करते हुए उनमें जोश भर दिया.

जिसके बाद जय भवानी जय राजपूताना के नारे से पूरा माहौल गूंज उठा. उन्होंने भी मंच से प्रभुनाथ सिंह की रिहाई की मांग उठाई और कहा कि क्षत्रिय समाज को आज के राजनीतिक परिदृश्य में अपनी हिस्सेदारी सुनिश्चित करनी होगी. वहीं अपने संबोधन में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन साहस, त्याग और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है. उन्होंने आह्वान किया कि युवा उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में योगदान दें. वहीं समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि एवं पूर्व सांसद आनंद मोहन सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप का अदम्य साहस, राष्ट्रभक्ति और बलिदान आज भी युवाओं को प्रेरणा देता है.

स्वतंत्रता और स्वाभिमान की रक्षा के लिए उनका संघर्ष इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है. उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे उनके जीवन से सीख लेकर राष्ट्र निर्माण में योगदान दें. उन्होंने मंच से पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह की रिहाई की मांग की और कहा कि क्षत्रिय समाज को राजनीति और सत्ता में उनकी उचित हिस्सेदारी मिलनी चाहिए. समारोह की अध्यक्षता वीर महाराणा प्रताप फाउंडेशन के अध्यक्ष हरिमोहन सिंह गुड्डू ने की. उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप केवल किसी समाज के नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के आदर्श हैं. उनकी गाथा हमें कठिन परिस्थितियों में भी राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की प्रेरणा देती है.


वहीं शिवहर के विधायक चेतन आनंद ने प्रतिमा अनावरण को ऐतिहासिक क्षण बताते हुए कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन त्याग और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है. इस मौके पर पूर्व विधायक रणधीर सिंह ने भी अपने विचार रखे. उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप का संघर्ष हमें यह सिखाता है कि आत्मसम्मान और देशहित के लिए किसी भी कठिनाई से समझौता नहीं करना चाहिए. कार्यक्रम में करनी क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अंशुमन मोहन, पूर्व मंत्री गौतम सिंह, दिनेश कुमार सिंह, रघुवंश सिंह, राहुल सिंह, देवेंद्र सिंह, करती सेना के जिलाध्यक्ष ब्रजेश कुमार सिंह, फाउंडेशन अध्यक्ष हरिमोहन सिंह गुड्डू, प्रकाश सिंह, महेश सिंह, छोटन सिंह, प्रशांत सिंह, मिथलेश सिंह, अनिल सिंह, संजय सिंह, जटा सिंह, हेमनारायण सिंह, त्रिलोकी नाथ सिंह सहित अनेक गणमान्य उपस्थित थे.

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