दलालों की करतूत व चिकित्सक की लापरवाही से घायल मरीज की मौत के बाद बवाल ; नामजद प्राथमिकी दर्ज

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CHHAPRA DESK –  छपरा में फर्जी नर्सिंग होम और दलालो की करतूत लगातार सामने आती रहती है. ताजा मामला पुनः छपरा शहर के सामने आया है. इस बार भी एक मरीज की मौत सदर अस्पताल और निजी क्लीनिक ले जाने के बीच फंसकर हुई है. क्योंकि समय से उपचार भी नहीं मिल पाया. जिसमें दलालों का रोल सबसे महत्वपूर्ण बताया जा रहा है. क्योंकि इमरजेंसी वार्ड में इलाज करने पहुंचे मरीज को दलालों द्वारा छपरा इमरजेंसी अस्पताल पहुंचा दिया गया और वहां उचित उपचार नहीं मिलने और रेफर के खेल में मरीज की जान चली गई. जिसके बाद परिजनों का आक्रोश इस कदर बढ़ा कि सदर अस्पताल में पहुंचकर उन्होंने निजी अस्पताल पहुंचाने वाले एंबुलेंस चालकों व दलालों के साथ मारपीट शुरू कर दी.

देर रात तक अस्पताल में बवाल होते रहा और सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया. उसके बाद जो मामला खुलकर सामने आया वह आप भी सुनकर आश्चर्य में पड़ जाएंगे. वैसे यह सदर अस्पताल के लिए कोई नई बात नहीं है. मृतक जिले के तरैया थाना अंतर्गत पड़ौना गांव निवासी स्वर्गीय खरहर मांझी का 50 वर्षीय पुत्र श्रीमांझी बताया गया है. इस मामले में मृतक के परिजनों ने बताया कि बीते संध्या वह पेड़ से गिर गए थे, जिसके कारण उनकी तबीयत काफी खराब हो गई थी. उन्हें स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया जहां से रेफर किए जाने के बाद में लोग अपने एंबुलेंस से छपरा सदर अस्पताल पहुंचे.

जहां इमरजेंसी वार्ड के गेट पर मौजूद एंबुलेंस चालकों और दलालों ने उन्हें अलियर स्टैंड स्थित छपरा इमरजेंसी अस्पताल पहुंचा दिया. जहां जहां उन्हें बताया गया कि रीढ़ की हड्डी टूटी हुई है और इलाज के लिए डेढ़ लाख का खर्च आएगा. जिस पर उन लोगों ने पैसा व्यवस्था कर देने की बात कही लेकिन तुरंत पैसे का इंतजाम नहीं हो पाने पर वहां से उन्हें रेफर कर दिया गया. लेकिन वहां से निकलने के साथ ही मरीज की मौत हो गई. जिसके बाद परिवार वाले शव लेकर सीधे छपरा सदर अस्पताल पहुंचे और एंबुलेंस चालक और दलालों के साथ मारपीट शुरू हो गई. उस दौरान रात में अस्पताल परिसर कुछ देर के लिए रण क्षेत्र बना रहा. दोनों तरफ से जमकर मारपीट हुई और तब जाकर मौके पर पुलिस पहुंची तो मामला शांत हुआ.

दलालों ने नहीं मिलने दिया चिकित्सक से

श्रीमांझी के परिवार वाले जब उन्हें दिखाने के लिए सदर अस्पताल पहुंचे तो दलालों के द्वारा उन्हें बहला-फुसलाकर छपरा इमरजेंसी अस्पताल पहुंचा दिया गया. वहां पैसे की व्यवस्था नहीं होने के बाद पुनः सदर अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन दलालों ने मरीज को चिकित्सक के पास पहुंचने ही नहीं दिया और जानबूझकर उनके द्वारा विलंब किया गया. जबकि उस दौरान ड्यूटी पर ऑर्थोपेडिक चिकित्सक डॉ कुणाल किशोर मौजूद थे. उस दौरान मरीज के परिजन वहां मौजूद कुछ लोगों का वीडियो बनाया गया जिन्हें वे चिकित्सक समझ बैठे थे.

दो चिकित्सक सहित पांच पर प्राथमिकी दर्ज, एक गिरफ्तार

छपरा सदर अस्पताल और छपरा इमरजेंसी हॉस्पिटल दोनों के बीच दलालों ने ऐसा खेल किया कि मरीज की जान चली गई. इस मामले में मृत व्यक्ति के परिवार वालों ने दो चिकित्सक सहित पांच के खिलाफ भगवान बाजार थाने में नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई है. दर्ज प्राथमिकी के आधार पर भगवान बाजार थाना के अपर थाना अध्यक्ष सुधीर कुमार सिंह ने शव को कब्जे में लेकर सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम कराने के बाद परिवार वालों को सौंप दिया है. मृतक के घर वालों के बयान पर इस मामले में छपरा सदर अस्पताल में रात्रि ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक डॉक्टर कुणाल किशोर एवं निजी अस्पताल छपरा इमरजेंसी हॉस्पिटल के चिकित्सक डॉक्टर संतोष कुमार के साथ नन्हे कुमार, रघुवीर कुमार एवं पंकज कुमार के खिलाफ फोटो से पहचान कर प्राथमिकी दर्ज कराई गई है.

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