छपरा शहर में सुगम यातायात एवं जल निकासी हेतु नाला के निर्माण को लेकर जिलाधिकारी ने किया स्थलीय निरीक्षण

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CHHAPRA DESK – छपरा शहर में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने एवं जल निकासी हेतु स्थाई व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन द्वारा लगातार प्रयास किया जा रहा है. लेकिन जल जमाव की समस्या अनेक मुहल्लों से सामने आ रही है. जल निकासी के उद्देश्य से जिलाधिकारी द्वारा विभिन्न स्तरों पर कई बैठकें की गई हैं.पूर्व में जनप्रतिनिधिगण के साथ बैठक की गई थी। विगत सप्ताह में जिला परिषद, बुडको, पथ प्रमंडल तथा नगर निगम के अभियंताओं के साथ भी बैठक की गई थी। सभी अभियंताओं को सड़कों के चौड़ीकरण एवं नये नालों के निर्माण को लेकर समेकित कार्य योजना तैयार करने का निर्देश दिया गया था.

आज जिलाधिकारी श्री समीर ने छपरा शहर में विभिन्न स्थलों पर जाकर स्वयं स्थलीय निरीक्षण किया तथा कार्ययोजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर महत्वपूर्ण दिशा निर्देश दिया.
जिला परिषद द्वारा सांढा ढाला ओवर ब्रिज के नीचे से मठिया मोड़ होते हुए पंचायत भवन सांढा से आगे स्थित पइन तक सड़क के दोनों तरफ नाले का निर्माण कराया जा रहा है. सड़क के दोनों किनारे पर जिला परिषद के स्वामित्व के जमीन की मापी कर मार्किंग की गई है. जिलाधिकारी ने स्थलीय निरीक्षण के क्रम में सड़क के दोनों तरफ की गई मार्किंग के अनुरूप 7 दिनों के अंदर अस्थाई अतिक्रमण को हटाने का निर्देश अंचलाधिकारी सदर को दिया.

साथ ही स्थाई अतिक्रमण को हटाने के लिए विधिवत अतिक्रमण वाद चलाने का निर्देश दिया गया. सभी स्थाई अतिक्रमणकारियों को 18 अगस्त तक अनिवार्य रूप से अतिक्रमण हटाने से संबंधित नोटिस देने का निर्देश दिया गया. वहीं बाजार समिति से आगे पथ प्रमंडल के द्वारा बनाए गए नाले में इस नाले को क्रॉस ड्रेनेज बनाकर जोड़ने का निर्देश जिला परिषद को दिया गया. अंचलाधिकारी सदर को सांढा ढाला से मेथवलिया चौक तक सड़क के चौड़ाई की नापी दो दिनों के अंदर सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया. पूर्व के निर्मित सभी नालों की नापी कराकर अतिक्रमण हटाने हेतु गहन अभियान चलाने को कहा गया.

गंडकी नदी के पास अतिरिक्त सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण केलिए जमीन चिन्हित करने का निर्देशक अंचलाधिकारी सदर को दिया गया तथा बुडको के कार्यपालक अभियंता को इसके लिए प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया गया. नेवाजी टोला जाने वाली सड़क पर रेलवे लाइन से पहले पूर्व से निर्मित नाले का अस्तित्व समाप्त हो गया है। इसके लिए मनरेगा के माध्यम से नाला के साथ-साथ रास्ते के निर्माण हेतु कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया. निरीक्षण के क्रम में नगर आयुक्त, भूमि सुधार उपसमाहर्त्ता सदर, कार्यपालक अभियंता पथ प्रमंडल, कार्यपालक अभियंता बुडको, जिला अभियंता, नगर निगम के अभियंता, अंचल अधिकारी सदर सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे.

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