बिजली विभाग के ठेकेदार की लापरवाही से गई एक मजदूर की जान दो इलाजरत ; लोगों में आक्रोश

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CHHAPRA DESK –  छपरा शहर के मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत बदलू टोला बंगरा गांव से बिजली विभाग के ठेकेदार की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है, जहां बिजली पोल पर तार खिंचवाने के क्रम में अचानक करंट लगने से एक मजदूर की मौत जहां मौके पर हुई है, वही दो मजदूर छपरा सदर अस्पताल में इलाजरत हैं. इस घटना के बाद स्थानीय लोगों और परिवार वालों में उक्त ठेकेदार के खिलाफ खासा आक्रोश है. मृत मजदूर जिले के अवतार नगर थाना क्षेत्र के ढारीपुर हराजी गांव निवासी जयनारायण राय का 28 वर्षीय पुत्र परमा राय बताया गया है. वहीं करंट लगने से अचेत एक युवक अवतार नगर थाना क्षेत्र के ढारीपुर निवासी कृष्णा राय का 35 वर्षीय पुत्र दिनेश राय एवं दूसरा व्यक्ति मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बंगरा गांव निवासी स्वर्गीय रघुनाथ प्रसाद का 54 वर्षीय पुत्र शिवजी प्रसाद बताया गया है.

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इस घटना के संबंध में मृतक के परिवार वालों ने बताया कि परमा राय, दिनेश राय और शिवजी प्रसाद तीनों अन्य मजदूरों के साथ में मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत ढारीपुर बंगरा गांव में विद्युत पोल पर तार खींचने का काम कर रहे थे. उस बीच उन्हें करंट का तेज झटका लगा और वे लोग गिरकर अचेत हो गये. उस दौरान परमा राय की मौके पर हो गई जबकि दिनेश राय और शिवजी प्रसाद का उपचार अस्पताल में चल रहा है. वहीं पुलिस ने परमा राय के शव को कब्जे में लेकर सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम कराए जाने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है.

ठेकेदार की लापरवाही के कारण हुई मौत

बताया जा रहा है कि डोरीगंज थाना क्षेत्र के चिरांद गांव निवासी ठेकेदार भारत राय के द्वारा करीब आधा दर्जन मजदूरों को लेकर मुफस्सिल थाना अंतर्गत ढारीपुर बंगरा गांव में विद्युत पोल पर तार खिंचवाने का काम किया जा रहा था. जबकि उधर से ही 11000 वोल्ट का नंगा विद्युत तार भी गुजर रहा था. उस दौरान ठेकेदार के द्वारा बताया गया कि उसके द्वारा शटडाउन करवा लिया गया है. जिसके बाद सभी मजदूर बिजली के दूसरे पोल पर चढ़कर तार को खींच रहे थे, उसी दौरान उनके द्वारा खींचा जा रहा तार दूसरे पोल से झूल रहे 11 हजार वोल्ट के तार के संपर्क में आ गया और हादसा हो गया.

इलाजरत मजदूरों ने खोली पोल

सदर अस्पताल में उपचार के दौरान बिजली पुल पर काम कर रहे दिनेश राय व शिवजी प्रसाद ने बताया कि ठेकेदार के द्वारा उन्हें ले जाकर काम कराया जा रहा था. जबकि उसके द्वारा उन्हें ना तो हैंड ग्लव्स और ना ही रबर शूज दिया गया था. इसके साथ ही शटडाउन की बात कह कर उन्हें पोल पर चढ़ा दिया गया था. अगर उसके द्वारा शटडाउन लिया गया होता और उन्हें हैंड ग्लास और शूज दिए जाते तो शायद यह हादसा नहीं होता.

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