बिहार का नवादा बन रहा साइबर अपराधियों का गढ़ ; बगीचे में बैठकर फोन कर रहे एक दर्जन साइबर अपराधी गिरफ्तार

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PATNA/NAWADA DESK बिहार का नवादा जिला अब साइबर अपराधियों का नया अड्डा बनता जा रहा है. जहां से पहली बार बड़े पैमाने पर महंगे फोन आईफोन के साथ साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी हुई है. नवादा पुलिस ने एक बार फिर से एकसाथ 12 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है. वारसलीगंज पुलिस ने थाना क्षेत्र के सोढ़िपुर गांव स्थित बगीचे से इन सभी साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है.

आरोपियों के पास से पुलिस ने 22 आईफोन जब्त किए, जिनकी कीमत लाखों में है. कुल 30 मोबाइल फोन पुलिस ने बरामद किए हैं. 90 पेज का कस्टमर का डेटा शीट, एटीएम कार्ड, दो बाइक और एक इलेक्ट्रिक साइकिल भी बरामद की गई है. वारसलीगंज थाना अध्यक्ष आशीष कुमार मिश्रा ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि सोढ़िपुर गांव के छिलके के बगीचे में कुछ लड़के ठगी का काम कर रहे हैं. सूचना पर पुलिस अधीक्षक अम्बरीष राहुल के द्वारा एक टीम का गठन किया गया. जिसमें वारसलीगंज पुलिस और वज्र टीम को शामिल किया गया और इन अपराधियों को गिरफ्तार किया गया.

साइबर अपराधी ऐसे करते थे ठगी का काम

थाना अध्यक्ष आशीष कुमार मिश्रा ने बताया कि गिरोह के सरगना के द्वारा इन अपराधियों को ठेके पर काम दिया गया था. उन्हीं के द्वारा ऑनलाइन शॉपिंग के 90 पेज का कस्टमर डाटा उन्हें दिया गया था. ग्राहक का मोबाइल नंबर नाम पता प्रोडक्ट आदि के बारे में जानकारी अंकित रहती है. उक्त कस्टमर के डाटा शीट में अंकित मोबाइल नंबर पर यह लोग संपर्क कर बताते थे कि आपके द्वारा कंपनी में सामान ऑर्डर किया गया है. उसकी रकम आदि के बारे में बताते थे, जिससे ग्राहक को भरोसा हो जाता था.

यह लोग कस्टमर को बताते थे कि आपका नाम लकी ड्रा में आया है जिसकी रकम 6 लाख रुपये है. लकी ड्रा की रकम पाने के लिए तीन हजार से साढ़े तीन हजार प्रोसेसिंग फी के नाम पर यह लोग खाता नंबर आदि की मांग करते थे और ग्राहक उनके जाल में फंसकर इन लोगों के द्वारा बताए गए लिंक मोबाइल नंबर पर उक्त राशि का भुगतान करते थे. लोगों से ठगी करने के एवज में उन्हें 30% का कमीशन दिया जाता था और बाकी पैसा गैंग लीडर रखता था. गिरफ्तार अपराधियों में से 7 अपराधी वारसलीगंज थाना क्षेत्र के हैं. जबकि दो दिल्ली के, दो शेखपुरा और एक झारखंड के गिरीडीह जिला का रहने वाला है.

सभी गिरफ्तार साइबर अपराधियों को साइबर एक्ट के तहत जेल भेजा जा रहा है. बाकी फरार अपराधियों का भी पता चल गया है और उनके खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है.

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