अखिल भारतीय शास्त्रीय संगीत प्रतियोगिता में अनिष अनु ने बढ़ाया सारण का मान ; संगीतज्ञ व गुरु ने दी बधाई

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CHHAPRA DESK –  कला की किसी भी विधा में साधना ही सफलता का मूलमंत्र है. इसे अनिष अनु बखूबी जानते हैं और नई पीढ़ी को इससे अवगत भी करा रहे हैं. उनकी कला साधना अनवरत जारी है. इसी साधना के बल पर सारण के लाल अनिष अनु ने पूरे देश में शास्त्रीय संगीत प्रतियोगिता के तबला वादन में प्रथम स्थान लाकर जिला और बिहार का नाम रौशन किया है. वह शहर के पुलिस लाइन स्थित छोटा तेलपा  निवासी संतोष कुमार यादव व दुर्गा कुमारी  के पुत्र हैं, जो कि जिले के रिविलगंज के समसुद्दीनपुर गांव के मूल निवासी हैं.

यह सफलता उन्हें तेलंगाना संगीत नाटक अकादमी हैदराबाद की ओर से 49वीं अखिल भारतीय शास्त्रीय संगीत प्रतियोगिता हैदराबाद के तेलुगु भाषी निलयम नामपल्ली में प्राप्त हुई है. जहां देश के तमाम राज्यों से आये प्रतिभागियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा से गुजरने के बाद अनिष अनु को यह महत्वपूर्ण सफलता जूनियर संवर्ग में मिली है. प्रतियोगिता के अंतिम दिन सैफाबाद क्षेत्र के सबसे विशाल प्रेक्षागार भारती भवन तेलंगाना संगीत नाटक अकादमी के चेयरमैन ने प्रशस्ति पत्र, मोमेंटो और रजतकलश से सम्मानित किया. नके साथ हारमोनियम पर दामिनी कुमारी ने संगत किया.

अनिष अनु के संगीत गुरू बनारस घराना के प्रख्यात संगीतज्ञ राम प्रकाश मिश्र ने कहा कि यह सफलता उसकी कठिन साधना और अनुशासन का फल है, जो छपरा घराना को आगे बढा रहा है. वहीं अनिष अनु ने कहा कि उसे शास्त्रीय संगीत के तबला वादन मे जो शांति मिलती है वह उसे भविष्य की शक्ति भी देती है. इसे दूर तक ले जाना चाहता है. ताकि अपने गांव, परिवार और ज़िले को संगीत के राष्ट्रीय मानचित्र पर अंकित कर सके.उसकी इस सफलता पर पंडित राजेश मिश्रा ने कहा कि तबला वादन एक बेहतरीन कला है, लेकिन संगत के लिए ज़्यादा कौशल और सौंदर्य की ज़रूरत होती है.

अनिष अनु का शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में उज्ज्वल भविष्य है. पंडित तारक नाथ मिश्रा, मुरली मनोहर मिश्रा,  कोलकाता के पंडित विप्लव भट्टाचार्य, संगीत शिक्षक गुड्डू राय, कुमार गौरव  व अन्य ने उसकी इस सफलता पर खुशी जताई है. सभी संगीत प्रेमियों ने कहा है कि अनिष अनु ने कम उम्र में ही शास्त्रीय संगीत को नई ऊंचाई देने का सफल प्रयास किया है. इसके लिए वह बधाई के पात्र हैं. वही अनिष अनु की बुजुर्ग दादी शांति देवी ने कहा कि पोते की कामयाबी से घर परिवार को भी समाज में इतराने का अवसर मिला है.

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