सारण में 40.46 लाख लाभार्थियों को खिलायी जायेगी फाइलेरिया से बचाव की दवा ; 10 फरवरी से शुरू होगा सर्वजन दवा सेवन अभियान

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CHHAPRA DESK –  सारण जिले में फाइलेरिया उन्मूलन को लेकर 10 फरवरी से सर्वजन दवा सेवन (आईडीए) अभियान चलेगा. यह अभियान 10 फरवरी से 27 फरवरी तक चलेगा। इसके सफल क्रियान्वयन को लेकर सदर अस्पताल में जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ भूपेंद्र कुमार की अध्यक्षता में एक दिवसीय मीडिया कार्यशाला का आयोजन किया गया. इस दौरान डॉ भूपेंद्र कुमार ने बताया कि जिले में 40 लाख 46 हजार 610 लाभार्थियों को फाइलेरिया से बचाव की दवा खिलायी जायेगी. आशा कार्यकर्ता 14 दिनों तक घर-घर जाकर दवा खिलाएंगी. अंतिम तीन दिन बूथ लगाकर दिवा खिलायी जायेगी. सारण में तीन तरह की दवा खिलायी जायेगी. अल्बेंडाजोल, डीईसी और आइवरमेक्टिन दवा खिलायी जायेगी.

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इस अभियान को सफल बनाने के लिए 2198 टीम, 4396 आशा कार्यकर्ता (ड्रग एडमिनिस्ट्रेटर) एवं 217 सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं. कुल 9 लाख 52 हजार 143 घरों को लक्षित किया जायेगा. उन्होंने मीडिया से अपील की कि वे अपने माध्यम से लोगों को जागरूक कर अभियान को सफल बनाएं. इस मौके पर जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ भूपेंद्र कुमार, जिला स्वास्थ्य समिति के डीपीएम अरविन्द कुमार, जिला वेक्टर जनित रोग सलाहकार सुधीर कुमार, जिला सूचना एंव जनसंपर्क पदाधिकारी रविन्द्र कुमार, पिरामल के प्रोग्राम लीड चंदन कुमार, सिफार के प्रमंडलीय कार्यक्रम समन्वयक, पीए कृष्णा कुमार सहित अन्य पदाधिकारी व स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे.


11 फरवरी को चलेगा मेगा अभियान

अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए 11 फरवरी को मेगा एमडीए कैंप का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बूथ लगाकर स्वास्थ्यकर्मी अपने सामने लक्षित लाभार्थियों को दवा का सेवन कराएंगे। आंगनबाड़ी केंद्रों पर मेगा कैंप लगेगा. इसको लेकर प्रखंड स्तर पर माइक्रोप्लान तैयार किया गया है. डॉ भूपेंद्र कुमार ने बताया कि फाइलेरिया रोधी दवाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं. उच्च रक्तचाप, शुगर, गठिया अथवा अन्य सामान्य बीमारियों से ग्रसित व्यक्तियों को भी ये दवाएं अवश्य लेनी चाहिए. उन्होंने कहा कि यदि दवा खाने के बाद मितली, चक्कर या हल्का बुखार जैसे लक्षण दिखाई दें तो यह शुभ संकेत है. इसका अर्थ है कि शरीर में मौजूद फाइलेरिया के परजीवी दवा के प्रभाव से नष्ट हो रहे हैं. किसी भी असुविधा की स्थिति से निपटने के लिए प्रत्येक प्रखंड में रैपिड रिस्पॉन्स टीम तैनात रहेगी.


स्वास्थ्यकर्मी सामने खिलाएंगे दवा, वितरण नहीं होगा
डीपीएम अरविन्द कुमार ने बताया कि अभियान लहलादपुर प्रखंड को छोड़कर शेष सभी प्रखंडों में संचालित किया जाएगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि दवाओं का वितरण नहीं किया जाएगा, बल्कि स्वास्थ्यकर्मी लाभार्थियों को अपने सामने दवा का सेवन कराएंगे. दवा खाली पेट नहीं खानी है. 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चे, गर्भवती महिलाएं और अत्यंत गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति इस अभियान से बाहर रखे गए हैं.

लगातार 5 साल दवा खाने से फाइलेरिया का खतरा खत्म

जिला वेक्टर जनित रोग सलाहकार सुधीर कुमार ने बताया कि फाइलेरिया (हाथीपांव रोग) मच्छरों के काटने से फैलने वाली एक गंभीर बीमारी है, जो शरीर के लिम्फैटिक सिस्टम को नुकसान पहुंचाती है. उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति लगातार 5 वर्षों तक फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन कर लेता है तो उसे जीवनभर फाइलेरिया होने की संभावना समाप्त हो जाती है. फाइलेरिया के कारण होने वाली बीमारियां जैसे हाइड्रोसील, लिम्फेडेमा और काइलूरिया पीड़ितों के सामाजिक व आर्थिक जीवन को बुरी तरह प्रभावित करती हैं.

अभियान की होगी मॉनिटरिंग

सवर्जन दवा सेवन अभियान का शुभारंभ जिलाधिकारी के द्वारा किया जायेगा. इस अभियान की गहन मॉनिटरिंग भी की जायेगी. इसके लिए टीम गठित किया गया है. जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव खुद पूरे अभियान की मॉनिटरिंग करेंग. इसके अलावा सिविल सर्जन, डीवीबीडीसीओ, डीवीबी कंसल्टेंट, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी मॉनिटरिंग करें. डब्ल्यूएचओ, पिरामल और सीफार संस्था द्वारा भी सहयोग किया जायेगा.

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