भूमिहीन विद्यालय के लिए भूमि दान करने वाले भूमिदाता के नाम पर विद्यालय का होगा नामकरण

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CHHAPRA DESK –  सारण जिले में शिक्षा व्यवस्था की सुदृढ़ीकरण हेतु प्रत्येक वसावट के पोषक क्षेत्र अन्तर्गत बच्चों को शिक्षा मुहैया कराने हेतु राज्य सरकार द्वारा कई नये प्राथमिक विद्यालय स्थापित किये गये हैं. उन प्राथमिक विद्यालयों को भूमि मुहैया एवं भवन का निर्माण राज्य सरकार द्वारा किया गया है.लेकिन अभी भी कई नवसृजित प्राथमिक विद्यालयों के लिए भूमि उपलब्ध नहीं हो पाई है साथ ही पुराने प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों में पर्याप्त भवन की कमी है. इसी प्रकार जिले के प्रत्येक पंचायतों में मध्य विद्यालय को उच्च माध्यमिक विद्यालय के रूप में उत्क्रमित/नवस्थापित किया गया है.

शिक्षा विभाग के प्रावधान के आलोक में सारण वासियों से भूमिहीन विद्यालय हेतु भूमि दान करने का अनुरोध किया गया है. भवन निर्माण हेतु भूमि उपलब्ध कराने में जन सहयोग की सहभागिता आवश्यक है. विद्यालय हेतु भूमि दान करने के लिए निर्धारित प्रावधानों के अनुसार प्राथमिक विद्यालय के लिए 20 (बीस) डिसमिल एवं मध्य विद्यालय के लिए 50 (पचास) डिसमिल तथा माध्यमिक/उच्च माध्यमिक विद्यालयों के लिए 75 (पचहत्तर) डिसमिल भूमि दान करने वाले भूमिदाता के नाम पर अथवा वैध उत्तराधिकारी के द्वारा इच्छित व्यक्ति के नाम पर विद्यालय का नामकरण किया जाएगा,

यदि पूर्व से वह विद्यालय किसी के नाम पर नहीं हो. उक्त माप से कम भूमि दान करने वाले का नाम विद्यालय के मुख्य द्वार के बगल में शिलापट पर अंकित किया जायेगा. सारण जिला में अद्यतन 64 प्राथमिक एवं मध्य विद्यालय भूमिहीन हैं. इसके साथ ही संविलियन मुक्त होने के बाद 20 अन्य विद्यालयों के लिये भूमि की आवश्यकता है. जिन विद्यालयों के लिए जमीन उपलब्ध कराने वाले भूमि दाता के नाम से उस विद्यालय का नामकरण किया जाएगा.

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