विश्व हिंदू परिषद हिंदू धर्म की रक्षा के साथ लव जेहाद रोकने व बेरोजगारों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए चलाता है प्रशिक्षण कार्यक्रम ; मनाया गया विहिप का 60वां स्थापना दिवस समारोह

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CHHAPRA DESK –  विश्व हिंदू परिषद का 60वां स्थापना दिवस समारोह शहर के भगवान बाजार थाना रोड स्थित दुर्गा मंदिर परिसर में समारोह पूर्वक मनाया गया. इस अवसर पर उत्तर बिहार प्रांत उपाध्यक्ष राज किशोर सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे. बैठक की अध्यक्षता जिला मंत्री वसंत कुमार सिंह सोनू ने की. वहीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि विश्व हिंदू परिषद का गठन 29 अगस्त 1964 को गोलवलकर, आप्टे व वामी चिन्मयानंद सरस्वती द्वारा की गई थी. इसका उद्देश्य हिंदू संस्कृति और अपनी पारंपरिक धरोहरों की रक्षा करना है.

इस अवसर पर मुख्य अतिथि राज किशोर ने बैठक को संबोधित करते हुए बताया कि हमारा संगठन पूरे विश्व में हिंदुओं को संगठित करने के लिए समर्पित है और हिंदुओं पर कहीं भी किसी प्रकार की अत्याचार ना हो इसका भी ख्याल रखता है. जब दुनिया ईसाई, इस्लाम और साम्यवादी में विभाजित हो गई है. यह सभी समाज हिंदू समाज को अपना बहुत बढ़िया समृद्ध भोजन के रूप में देखते हैं. हिंदू समाज को तोड़ने और विघटित करने की कोशिश करते रहते हैं. संघर्ष के इस युग में हिंदू दुनिया को इन तीनों की बुराइयों से बचाने के लिए सोचना और संगठित करना भी हमारा उद्देश्य है.

उन्होंने कहा कि हमारा संगठन सिख, जैन, बुद्ध और मूल आदिवासी धर्म को भी अपना मानता है और उनकी रक्षा के लिए भी कार्य करता है. क्योंकि, यह सारे मूल रूप से हिंदुस्तान के हैं. उन्होंने कहा कि संगठन गौहत्या, धर्मांतरण, लवजिहाद जैसे मामलों को भी रोकने का कार्य करता है. लव जिहाद को लेकर हम लोग बहुत चिंतित हैं और इसे रोकने के लिए विभिन्न स्तरों पर कार्य भी कर रहे है. माता पिता को भी चाहिए कि वो अपनी बच्चियों पर विशेष ध्यान दें और उन्हें लव जिहाद के बारे में बताएं. देश के विभिन्न हिस्सों में हो रहे धर्मांतरण को रोकने में विहिप की भूमिका अहम है और धर्म मार्ग से भटके हुए लोगों की घर वापसी भी संगठन करवा रही है.


विहिप हिन्दू प्रवासियों के सदस्यों की शिक्षा और उनके सांस्कृतिक कर्तव्यों और आध्यात्मिक मूल्यों में भागिदारी को भी बढ़ावा देता है. दुनिया भर के हिन्दूओं और हिन्दू अधिकारों की रक्षा करना इसके घोषित उद्देश्यों में से एक है. उन्होंने बताया कि हमारे युवा संगठन बजरंग दल जिसकी स्थापना 1984 में की गई और दुर्गा वाहिनि जिसकी स्थापना 1991 में की गई. इनका लक्ष्यआध्यात्मिक, शारिरिक, मानसिक और ज्ञान विकास के लिए खुद को समर्पित करना है.
विश्व हिन्दू परिषद अभी कुल लगभग 29 देशों में हिंदू हितों के लिए कार्यरत है.

आज हमारा संघर्ष ही है कि अयोध्या में राम मंदिर का सपना साकार हुआ और हमारे रामलला अपने मंदिर में विराजमान हुए काशी का भी विश्वनाथ मंदिर भव्य आकार ले चुका है और आने वाले समय में मथुरा में स्थित कृष्ण मंदिर का भी जिर्णोंधार होगा. साथ ही वैसे सभी मंदिर को अतिक्रमण मुक्त करना भी हमारा उद्देश है जो किसी न किसी कारण वश गलत लोगों या संगठनों के अतिक्रमण में हैं.
हमारा संगठन सिर्फ धर्म नहीं अपितु हिन्दूओं के लिए सेवा कार्य भी करता है. महलाओं के लिए सिलाई प्रशिक्षण केन्द्र, बच्चों के लिए बाल संस्कार केन्द्र, कंप्यूटर प्रशिक्षण केन्द्र आदि सेवा प्रकल्प भी चलाता है. छपरा में हीं दो-दो सिलाई प्रशिक्षण केंद्र और बाल संस्कार केन्द्र जिला सेवा प्रमुख गौतम बंसल की देख रेख में चलता है.


इस अवसर पर धन्यवाद ज्ञापन करते हुए जिला विशेष संपर्क प्रमुख ने कहा कि हिन्दू समाज को एकजुट होना होगा और आपस में समरसता लानी होगी, तभी हम हमारे उपर हो रहे विभिन्न प्रकार के हमलों का पुरजोड़ विरोध कर सकते हैं. इस अवसर पर मुख्य रूप से आर एस एस के विभाग प्रमुख अवध किशोर मिश्रा, पूर्व प्रचार्य अरुण सिंह, पूर्व मेयर राखी गुप्ता, जिला संयोजक अनुज कुमार, धर्म प्रसार प्रमुख अरुण पुरोहित, जिला कोषाध्यक्ष बिनोद सिंह, जिला प्रचार प्रसार प्रमुख प्रभात कुमार सिंह सहित हजारों की संख्या में स्थानिय लोग और कार्यकर्ता मौजूद थे.

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