दलालों की करतूत खुले बाजार में बिक रही थी राज्य स्वास्थ्य समिति की सरकारी दवा ; ग्रामीण चिकित्सक सहित दो गिरफ्तार, दुकानदार फरार

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CHHAPRA DESK – सारण जिले में दलालों का बोलबाला-सा हो गया है. आश्चर्य की बात यह है कि राज्य स्वास्थ्य समिति की दर्जनभर महंगी लाइफ सेविंग दवाएं खुले बाजार में बिक रही है. इस बात का खुलासा तब हुआ जब सरकारी दवा को सप्लाई करने जा रहा है एक वेंडर गिरफ्तार किया गया. जिसकी निशानदेही पर पहले एक ग्रामीण चिकित्सक को गिरफ्तार किया गया है फिर वेंडर की निशानदेही पर एक टीम उक्त दुकान पर पहुंची तो दुकानदार मौके से फरार हो गया लेकिन दुकान से भी भारी मात्रा में राज्य स्वास्थ्य समिति की महंगी दवाएं बरामद की गई है. जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है. इस मामले का खुलासा तब हुआ जब भेल्दी थाना पुलिस ने रात के अंधेरे में सरकारी दवा को सप्लाई देने जा रहे एक वेंडर को गिरफ्तार किया, लेकिन अभी भी इसका मास्टरमाइंड फरार है.

पुलिस की सूचना के बाद ड्रग इंस्पेक्टर की टीम पहुंची थी उस दुकान पर छापेमारी करने

बता दें कि भेल्दी थाना अध्यक्ष के दौरान द्वारा गश्ती के दौरान रात्रि में अपहर गांव निवासी कुंदन कुमार को एक थैला के साथ गिरफ्तार किया गया जिसमें राज्य स्वास्थ्य समिति की काफी दवाई भरी हुई थी. वही उसकी सूचना पर एक ग्रामीण चिकित्सा कामेश्वर राय को भी गिरफ्तार किया गया है. सके बाद उनकी निशानदेही पर अमनौर थाना अध्यक्ष एवं छपरा सदर अस्पताल के ड्रग इंस्पेक्टर अजय कुमार सिंह एवं असगर अंसारी के द्वारा टीम बनाकर सलखुआ गांव स्थित मानस ड्रग सप्लायर के यहां छापेमारी की गई तो उसके दुकान से भी भारी मात्रा में सरकारी दवा बरामद की गई.

 

वही दुकानदार अमनौर थाना क्षेत्र के सलखुआ गांव निवासी विदुर कुमार तिवारी मौके का फायदा उठाकर भाग निकलने में सफल रहा है. जिससे गिरफ्तारी के लिए थाना पुलिस छापेमारी कर रही है. इस विषय में जानकारी देते हुए ड्रग इंस्पेक्टर श्री सिंह और श्री अंसारी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की दवा की बरामदगी और मार्केट में बिकने की सूचना के बाद उनके द्वारा अमनौर थाना अंतर्गत सलखुआ गांव स्थित मानस ड्रग दुकान में छापेमारी कर वहां से भारी मात्रा में सरकारी दवा बरामद की गई है. वही दुकानदार भाग निकलने में सफल रहा है. जबकि वेंडर कुंदन कुमार एवं ग्रामीण चिकित्सक कामेश्वर राय को गिरफ्तार किया गया है.

 

बीते वर्ष सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड से दवा चोरी करते पकड़ा गया था चोर पर एक कर्मी की आई थी संलिप्तता

बता दे कि बीते वर्ष छपरा सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड से देर रात्रि एक युवक के द्वारा बैग में भरकर लाइफ सेविंग बड़ी मात्रा में दवाएं चोरी की गई थी. उस दौरान चोरी कर ले जा रहे युवक को अन्य कर्मियों के द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया था. जिसके बाद मामला खुला कि उस चोरी में इमरजेंसी वार्ड के एक कर्मी शामिल था. जांच के दौरान पाया गया की कर्मी की मिली भगत से ही दवाएं बाहर में जा रही थी. फिर उसके बाद मामले की लीपापोती शुरू हो गई. लेकिन बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि एब गरीब मरीजों को राज्य स्वास्थ्य समिति द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली महंगी दवाएं किसी मरीज को मिले ना मिले खुले बाजार में दलालों के माध्यम से बिक रही है, जो कि स्वास्थ्य विभाग पर एक सवालिया प्रश्न है.

क्या कहते हैं सिविल सर्जन

इस मामले में पूछे जाने पर सिविल सर्जन डॉक्टर सागर दुलाल सिन्हा ने बताया कि संध्या पहर यह मामला उनके संज्ञान में आया है. जिसको लेकर उनके द्वारा मामले की बारीकी से जांच की जा रही है. जो भी दोषी पाए जाएंगे उन पर नियम संगत कार्रवाई की जाएगी.

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