5 लाख 51 हजार राष्ट्र रक्षा रुद्राक्ष यज्ञ के सफल आयोजन को ले शक्तिपीठ आमी मंदिर में बैठक कर किया गया विचार-विमर्श ; जाने किस दिन होंगे कौन से कार्यक्रम

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CHHAPRA DESK – राष्ट्र रक्षा रुद्राक्ष यज्ञ की तैयारी को लेकर आज अम्बिका मंदिर प्रांगण परिसर में आयोजन समिति की एक बैठक का आयोजन किया गया. जिसमें तैयारी की समीक्षा की गई और कार्यकर्ताओं को अलग-अलग कार्य सौंपा गया. बैठक की अध्यक्षता भाजपा के पूर्व विधायक विनय सिंह ने करते हुए कहा कि रुद्राक्ष को विज्ञान में भी बहुत असरकारक माना गया है. इससे कई बीमारियों से बचाव होता है. हिंदू धर्म और ज्‍योतिष में रुद्राक्ष को बहुत पवित्र और चमत्‍कारिक माना गया है. रुद्राक्ष पहनने के धार्मिक व अध्यात्मिक लाभ तो होते ही हैं, साथ ही इससे स्वास्थ्य लाभ भी हाेता हैं.

धर्म जागरण समन्वय के प्रांत संयोजक डॉ अवधेश ने कहा कि रुद्राक्ष की उत्‍पत्ति भगवान शंकर के आंसुओं से हुई है. जिसके चलते रुद्राक्ष धारण करने से व्‍यक्ति पर भगवान शिव की कृपा सदा बनी रहती है. इसे धारण करने से व्‍यक्ति सारे संकटों से बचा रहता है और सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. कुंडली के कई दोषों को दूर करने में भी रुद्राक्ष बहुत प्रभावी है. रुद्राक्ष से मिलने वाला पूरा लाभ पाने के लिए उसे विधि-विधान से धारण करना भी जरूरी है. साथ ही कुछ बेहद जरूरी नियमों का पालन करना चाहिए. रुद्राक्ष को हमेशा लाल या पीले रंग के धागे में पहनना चाहिए.

काले रंग के धागे में रुद्राक्ष धारण करना अशुभ होता है. इसे स्‍नान करके, साफ कपड़े पहनकर ही धारण करना चाहिए. रुद्राक्ष को धारण करते समय ओम नमः शिवाय मंत्र का जाप करना चाहिए. कभी भी किसी और का पहना हुआ रुद्राक्ष धारण नही करना चाहिए. रुद्राक्ष की माला में मनकों की संख्‍या विषम ही होना चाहिए. संत रविदास ने कहा कि 29 मार्च से सोनपुर की पावन धरती पर 5 लाख 51 हजार राष्ट्र रक्षा रुद्राक्ष यज्ञ की शुरुआत होगी. 17 मार्च को गंगा स्नान कराया जायेगा. इस कार्यक्रम में सभी भक्तगण रुद्राक्ष के गंगा स्नान में भाग लेने हेतु सादर आमंत्रित है.

29 मार्च को सोनपुर में कलश यात्रा होगी. 30 मार्च से 3 मार्च तक रोज रुद्राभिषेक का कार्यक्रम होगा और समापन पर अभिमंत्रित रुद्राक्ष का वितरण किया जाएगा. कार्यक्रम संकटमोचन मंदिर प्रांगण में होगा. धर्म जागरण के इंद्रपाल ने बताया कि 17 मार्च 2024 को रुद्राक्ष का जलस्नान होगा. जलस्नान हेतु 5 लाख 51 हजार रुद्राक्ष सोनपुर से 7 बजे गाजे बाजे के साथ अम्बिका स्थान, आमी दिघवारा 9 बजे पहुंचेगा और गंगा में सम्पूर्ण रुद्राक्ष का जल स्नान कराया जाएगा. आमी में कार्यक्रम की तैयारी हेतु बैठक में खंड कार्यवाह सुभाष, खंड शारीरिक शिक्षक देव राज, स्वामी पशुराम, लालबाबू पटेल, सोनपुर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद जिला संयोजक यशवन्त कुमार, सत्येंद्र कुमार, राकेश कुमार, उमा सिंह, बादल कुमार, धर्मेंद्र कुमार,आदि दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित थे.

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